उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने अवैध अतिक्रमण को लेकर बड़ी सख्ती दिखाई है. ताज़ा कार्रवाई में राजधानी लखनऊ और सीतापुर दोनों जगह “बाबा का बुलडोजर” चलाया गया है. लखनऊ में छह अवैध प्लॉटिंगों को ध्वस्त किया गया, जबकि सीतापुर के चक्रतीर्थ क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय को भी बुलडोजर के द्वारा गिरा दिया गया है.
लखनऊ में गरजा बुलडोजर
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर प्रवर्तन टीम—ज़ोन 2 और ज़ोन 5—ने मोहनलालगंज और गुड़म्बा इलाकों में 6 अवैध प्लॉटिंग को बुलडोजर से ध्वस्त किया. शिवढ़रा (मोहनलालगंज) में लगभग 15 बीघा में बिना ले-आउट स्वीकृति अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी.
गुड़म्बा (पैकामऊ) में भी अनधिकृत प्लॉटिंग, 12,000 वर्ग मीटर के इंडियन ओवरसीज़ बैंक के पीछे, पलका में 5,000 वर्ग मीटर और नूर आलम के भूखंड में 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में कार्रवाई की गई.
अवैध प्लॉटिंग पर बुलडोजर की सख्त कार्रवाई
शिवढ़रा (मोहनलालगंज) के ग्राम क्षेत्र में राम करन, मंशा राम, शीतल समेत अन्य ने लगभग 3 बीघा भूमि पर बिना ले-आउट स्वीकृति अवैध प्लॉटिंग की थी. वहीं गुरूबक्श, प्रमोद कुमार, चंद्रपाल और अन्य ने लगभग 5 बीघा क्षेत्र में दूसरी प्लॉटिंग शुरू कर दी थी. लखनऊ विकास प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने इन दोनों अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चला दिया और सभी निर्माणों को ध्वस्त कर दिया.
एलडीए का बड़ा एक्शन
गुड़म्बा के पैकामऊ में कुर्सी रोड पर इंडियन ओवरसीज़ बैंक के पीछे लगभग 12,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में बिना ले-आउट स्वीकृति अवैध प्लॉटिंग चल रही थी. इसके अलावा मोहम्मद वसीम ने पलका गांव में लगभग 5,000 वर्ग मीटर और नूर आलम ने करीब 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में प्लॉटिंग कराया था. लखनऊ विकास प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने इन सभी अवैध निर्माणों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया.
सीतापुर-नैमिषारण्य में चक्रतीर्थ विद्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई
सीतापुर के नैमिषारण्य में प्रदेश सरकार द्वारा चक्रतीर्थ स्थित प्राथमिक विद्यालय को प्रस्तावित नैमिष कॉरिडोर और सरोवर निर्माण के रास्ते में अवरोध होने के कारण बुलडोजर से गिरा दिया गया.
यह कार्रवाई पर्यटन उपनिदेशक डॉ. कल्याण सिंह और खंड शिक्षा अधिकारी कपिल त्रिवेदी की मौजूदगी में की गई. शासन द्वारा जारी अनुमति मिलने के बाद स्कूल की इमारत को जेसीबी के माध्यम से ध्वस्त किया गया.
यह कदम कॉरिडोर के विकास और चक्रतीर्थ के आसपास सरोवर निर्माण की योजना को देखते हुए उठाया गया, जिससे संरचनात्मक बाधाओं को दूर किया जा सके. इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया कि योगी सरकार अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं करेगी.