भोपाल में लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक वरिष्ठ अधिकारी संजय मस्के द्वारा सत्यनारायण कथा के आयोजन के लिए जारी की गई सरकारी नोटशीट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है। विभागीय कामकाज के लिए जारी होने वाली नोटशीट का धार्मिक कार्यक्रम में बुलावे के लिए इस्तेमाल होना चर्चा का विषय बन गया है। यह कदम सरकारी संसाधनों के अनुचित उपयोग का गंभीर उदाहरण माना जा रहा है।
निजी आयोजन में सरकारी नोटशीट का विवाद
भोपाल के लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर संजय मस्के ने अपने सरकारी आवास पर आयोजित सत्यनारायण कथा में सभी अधीनस्थ अधिकारियों व कर्मचारियों को शामिल होने का सरकारी नोटशीट के माध्यम से निमंत्रण भेजा। इस नोटशीट में बताया गया कि कार्यक्रम 5 सितंबर को दोपहर 1 बजे से उनके निवास पर आयोजित होगा। सरकारी नोटशीट का यह उपयोग विभागीय कामकाज से हटकर धार्मिक आयोजन में बुलावे के लिए करना नियमों के खिलाफ माना जा रहा है।
विभाग में खलबली, सोशल मीडिया पर वायरल
इस अनोखी नोटशीट के वायरल होते ही विभाग के अंदर चर्चा शुरू हो गई। कई अधिकारियों ने इसे अनुचित कदम करार दिया। सूत्र बताते हैं कि आमंत्रण व्यक्तिगत स्तर पर भेजना ठीक था, लेकिन इसे सरकारी दस्तावेज का रूप देकर भेजना विभागीय आचार संहिता का उल्लंघन माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस विषय पर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। कई लोग इसे सरकारी पद का दुरुपयोग मानते हुए सवाल उठा रहे हैं।
नोटशीट का असर और कार्यक्रम का आयोजन
हालांकि, विवादों के बीच कार्यक्रम के दिन बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी चीफ इंजीनियर के सरकारी आवास पर पहुंचे। उन्होंने सत्यनारायण कथा में भाग लिया और महाप्रसादी का वितरण भी किया गया। माना जा रहा है कि नोटशीट की वजह से अधिक लोग इस धार्मिक आयोजन में सम्मिलित हुए। विभागीय सूत्रों की मानें तो इस मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है ताकि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि की जा सके।
सरकारी संसाधनों का अनुचित उपयोग, आगे की कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में विभागीय स्तर पर गहन जांच की जा रही है। अनुचित तरीके से सरकारी नोटशीट का उपयोग व्यक्तिगत धार्मिक आयोजन में करने पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं।