Bulandshahr News: खुर्जा में हत्या के मामले में न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश दिलीप कुमार सचान ने अभियुक्ता दादा व पोते को आजीवन करावास की सजा सुनाईं। साथ ही उसके ऊपर अर्थदंड भी लगाया गया है। एडीजीसी क्रिमिनल संजीव कुमार और रश्मि सोलंकी ने बताया कि भुन्ना जाटान गांव निवासी मोनू कुमार ने जहांगीरपुर थाना में 12 जून 2020 को तहरीर दी।
भाई पर गोलियां चलाईं
जिसमें बताया कि वह अपने भाई सोनू व आकाश के साथ खेत से घर लौट रहा था। उसका भाई सोनू थोड़ा पीछे चल रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने आवाज देकर सोनू को खाली प्लाट में बुला लिया। इसी दौरान सफेद रंग की गाड़ी आकर वहां रुकी। जिसमें से चार लोग उतरे और उनके हाथों में तमंचे थे। जिन्होंने उनके भाई पर गोलियां चलाईं। गोली लगने से उनका भाई सोनू जमीन पर गिर गया। गोली चलने की आवाज सुनकर वह भी अपने भाई की तरफ दौड़े और आसपास के लोग एकत्र हो गए। जिसके बाद आरोपित मौके से फरार हो गए। वह अपने भाई को कैलाश अस्पताल लेकर गए। जहां उसकी मृत्यु हो गई।
51 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया
शिकायत पर पुलिस द्वारा गांव भुन्ना जाटान निवासी योगेश, चंद्रपाल, जगदीश व एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के बाद आरोप पत्र पुलिस द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जहां तमाम गवाह और सुबूतों के आधार पर न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश खुर्जा दिलीप कुमार सचान ने मंगलवार को अभियुक्त योगेश व उनके दादा जगदीश को हत्या के अपराध में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अभियुक्त योगेश के ऊपर 53 और जगदीश पर 51 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड की कुल धनराशि में आधी मृतक की पत्नी को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।