GRAP-3 Implemented: दिवाली से पहले दिल्ली-NCR की हवा की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शुक्रवार से पूरे दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान यानी GRAP के तीसरे चरण को लागू कर दिया है। इस फैसले का उद्देश्य हवा में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करना और हालात को गंभीर स्तर तक पहुंचने से रोकना है। अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 382 दर्ज किया गया है, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। यह 400 के स्तर के करीब है, जहां पहुंचने पर हवा गंभीर श्रेणी में आ जाती है।
निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर रोक
GRAP-3 लागू होने के बाद दिल्ली-NCR में निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़ी कई गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके तहत खुदाई, मिट्टी भरने, बोरिंग, ड्रिलिंग, पाइलिंग, ईंटों का काम, चिनाई और सड़क निर्माण जैसी गतिविधियां नहीं की जा सकेंगी। इसके अलावा बड़ी मरम्मत, पेंटिंग, पॉलिशिंग, वार्निशिंग, वेल्डिंग और गैस कटिंग पर भी रोक रहेगी। टाइल्स और पत्थरों को काटने या उनकी ग्राइंडिंग करने जैसे काम भी प्रतिबंधों के दायरे में आएंगे।
पुरानी गाड़ियों के इस्तेमाल पर भी पाबंदी
तीसरे चरण के तहत दिल्ली-NCR में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल से चलने वाली चार पहिया निजी गाड़ियों के संचालन पर भी रोक लगाई गई है। इन नियमों का मकसद वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण को कम करना है। हालांकि, आवश्यक सेवाओं से जुड़ी गाड़ियों और नियमों के तहत छूट प्राप्त श्रेणियों को राहत मिलेगी। प्रतिबंधों का दायरा दिल्ली के साथ नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम जैसे NCR के शहरों में भी लागू होगा।
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धूल उड़ाने वाली सामग्री के परिवहन पर सख्ती
GRAP-3 के आदेश के तहत सीमेंट, रेत, ईंट, फ्लाई ऐश और पत्थर के टुकड़ों जैसी धूल पैदा करने वाली निर्माण सामग्री को ले जाने, चढ़ाने और उतारने पर भी सख्ती रहेगी। निर्माण सामग्री या तोड़फोड़ से निकले मलबे को ले जाने वाले वाहनों के कच्ची सड़कों पर चलने पर रोक लगाई गई है। इन उपायों का उद्देश्य निर्माण स्थलों और सड़कों से उड़ने वाली धूल को कम करना है, क्योंकि यह दिल्ली-NCR में प्रदूषण बढ़ने की एक प्रमुख वजह मानी जाती है।
जरूरी परियोजनाओं को मिलेगी छूट
हालांकि, सभी निर्माण कार्यों पर एक जैसी पाबंदी नहीं होगी। रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा से जुड़ी परियोजनाओं को छूट दी गई है। अस्पताल, राजमार्ग, सड़कें, फ्लाईओवर, बिजली ट्रांसमिशन, पाइपलाइन, दूरसंचार, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और जल आपूर्ति से संबंधित जरूरी काम भी जारी रह सकेंगे। GRAP-3 लागू होने के बावजूद पहले और दूसरे चरण के प्रतिबंध भी प्रभावी रहेंगे। संबंधित एजेंसियों को सभी नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।