दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति खतरनाक स्तर पर बनी हुई है। दीपावली के बाद दिल्ली-एनसीआर में हवा ऐसी खराब हुई कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने स्थिति सुधारने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के तीसरे चरण के अंतर्गत सख्त नियम लागू किए हैं। मंगलवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 425 दर्ज किया गया। जहां तक एनसीआर की बात है तो सुबह के समय मेरठ का एक्यूआई 593 तक पहुंच गया। यानी दिल्ली-एनसीआर की हवा सांस लेने लायक नहीं रह गई है।
दिल्ली-एनसीआर में दीपावली के बाद से वायु प्रदूषण का खराब स्तर लगातार बना हुआ है। हवा की गति धीमी होते ही स्मॉग फिर से बढ़ रहा है। मेरठ में मंगलवार की सुबह दस बजे के आसपास हवा की रफ्तार 9.6 किलोमीटर प्रति घंटा रही। प्रदूषण का यह स्तर सांस के मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए अधिक नुकसानदायक है। विशेषज्ञों ने सुबह-शाम वाकिंग नहीं करने, मास्क लगाने की सलाह दी है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि आने वाले दो दिनों तक हवा की गति हल्की व तेज रहेगी। इससे ठंड बढ़ने के साथ रात के तापमान में भी गिरावट आएगी। अधिकतम तापमान 25 व न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के नीचे रहने की संभावना है।
11 नवंबर को मेरठ का एक्यूआई
रात 1 बजे: 485
रात 3 बजे: 532
सुबह 5 बजे: 576
सुबह 6 बजे: 587
सुबह 7 बजे: 593
सुबह 8 बजे: 569
सुबह 9 बजे: 501
सुबह 10 बजे: 436
सुबह 11 बजे: 322
मेरठ के क्षेत्रों का एक्यूआई
पल्लवपुरम फेज-2: 578, सुबह 7 बजे
जयभीम नगर: 565, सुबह 7 बजे
शास्त्रीनगर: 802, सुबह 4 बजे
गंगानगर: 531, सुबह 6 बजे
दिल्ली-एनसीआर में एक्यूआई
दिल्ली 425
नोएडा 420
ग्रेटर नोएडा 401
गाजियाबाद 388
बुलंदशहर 351
हापुड़ 339
बागपत 317
मुजफ्फरनगर 305
ग्रेप-3 के तहत इन पर लगा प्रतिबंध
-गैर-जरूरी निर्माण कार्यों, ध्वस्तीकरण और पुराने डीजल वाहनों पर रोक लगाई गई।
-मिट्टी खोदना, पाइलिंग, ट्रेंचिंग और रेडी-मिक्स कंक्रीट संयंत्रों का खुले में संचालन।
-दिल्ली और एनसीआर जिलों में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल चार पहिया वाहनों के चलने पर प्रतिबंध।
-कच्ची सड़कों पर रेत और सीमेंट जैसी निर्माण सामग्री के परिवहन पर प्रतिबंध।
-स्टोन क्रशर, खनन और स्वच्छ ईंधन से नहीं चलने वाले हॉट-मिक्स संयंत्रों को बंद करना।
-आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर सेट पर प्रतिबंध।
-दिल्ली में अंतर-राज्यीय डीजल बसों के प्रवेश या संचालन पर प्रतिबंध।
-निजी कंपनियों को घर से काम करने या हाइब्रिड मोड लागू करने की सलाह।
-दिल्ली व एनसीआर के जिलों में कक्षा 5 तक की फिजिकल क्लास रोकी जा सकती हैं।
-छोटे बच्चों को जहरीली हवा से बचाने को कक्षाएं ऑनलाइन मोड में चलाई जा सकती हैं।