नोएडा, गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने “एक का दो-दो का चार” करने का लालच देकर लाखों की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गैंग का पर्दाफाश कर दिया। मात्र 6 दिन में पुलिस ने 6 शातिर ठगों को रंगे हाथों पकड़ लिया। इनके पास से ठगी के 5.75 लाख रुपये नकद, दो लग्जरी गाड़ियाँ, नोट गिनने की मशीन, तीन ट्रॉली बैगों में नोट जैसे दिखने वाले कागज की गड्डियाँ और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए।
शुक्रवार को सेंट्रल नोएडा में डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी घटना का खुलासा किया। डीसीपी ने बताया,
“यह गैंग अत्यंत प्रोफेशनल और खतरनाक था। ये लोग एक खास बनवाए हुए लकड़ी के तख्त का इस्तेमाल करते थे, जिसके बीच में छेद था और पीछे दीवार में भी छेद। तख्त के नीचे एक आरोपी छिपकर बैठता था। ऊपर बैठा व्यक्ति असली नोट गिनकर नीचे देता और नीचे वाला कागज की गड्डी पर सिर्फ ऊपर-नीचे एक-एक असली नोट चिपकाकर वापस भेज देता। सामने बैठे पीड़ित को लगता कि बैग में सारे असली नोट डाले जा रहे हैं। दो-तीन साथी ध्यान भटकाते रहते। बैग लॉक करके दो आरोपी खुद गाड़ी में बैठकर पीड़ित को दूर छोड़ आते, ताकि बाकी साथी असली कैश लेकर फरार हो सकें। यह तरीका बिल्कुल फिल्मी था।
बिसरख पुलिस की टीम ने शानदार काम किया है, इसलिए पूरी टीम को 25,000 रुपये नकद इनाम देने की घोषणा भी डीसीपी ने की।
ठगी भी पूरी स्क्रिप्ट के साथ होती थी-
दो आरोपी बाहर घूमकर टार्गेट तलाशते और फोन पर “पैसा डबल” का लालच देते।
पीड़ित को ग्रेटर नोएडा वेस्ट की किसी सोसाइटी के खाली फ्लैट में ले जाया जाता।
वहाँ पहले से 4-5 साथी मौजूद रहते।
नोट गिनने की मशीन से असली नोट गिनकर भरोसा दिलाते।
विशेष तख्त के जरिए असली नोट नीचे पहुँच जाते और नकली गड्डियाँ बैग में भर दी जातीं।
बैग लॉक करके दो आरोपी गाड़ी में दूर तक छोड़ने जाते।
इसी बीच बाकी साथी 16-17 लाख कैश लेकर फरार हो जाते।
गिरफ्तार 6 बदमाशों में शुभम तिवारी (28 वर्ष) पुत्र बृजनाथ तिवारी
निवासी: रॉयल कोर्ट, थाना बिसरख, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, मूल निवासी: पियरी, थाना मुगरा बादशाहपुर, जिला जौनपुर (उ.प्र.)
शिक्षा: पॉलीटेक्निक, व्यवसाय: चीन में एक्सपोर्ट-इंपोर्ट का ऑफिस
नवीन सिंह (21 वर्ष) पुत्र शत्रुघ्न सिंह
निवासी: रॉयल कोर्ट, थाना बिसरख
मूल निवासी: करसरी गौतम, थाना निरंजनपुर, जिला बस्ती (उ.प्र.)
शिक्षा: बीबीए
इंद्रमणि उर्फ राजा उर्फ इन्द्र (24 वर्ष) पुत्र मनोज चौरसिया
निवासी: निराला एस्पायर, थाना बिसरख
मूल निवासी: भैरोपुर, थाना डोरीगंज, जिला सारन (बिहार)
शिक्षा: आईटी इंजीनियर
(गाजियाबाद व बिहार में पहले से वांछित)
गौरव गुप्ता (44 वर्ष) पुत्र केदारनाथ गुप्ता
निवासी: निराला एस्पायर, थाना बिसरख
शिक्षा: एम.कॉम
रितेश कुमार उर्फ अंकित (22 वर्ष) पुत्र अनुज कुमार सिंह
निवासी: निराला एस्पायर, थाना बिसरख
मूल निवासी: दुधेला गाछी, थाना सोनपुर, जिला सारन (बिहार)
शिक्षा: 12वीं
चंचल कुमार (25 वर्ष) पुत्र तरुण मिश्रा
निवासी: निराला एस्पायर, थाना बिसरख (मूल पता: पहेतीया, थाना हाजीपुर, वैशाली, बिहार)
शिक्षा: डिप्लोमा इन ऑटोमोबाइल
(गाजियाबाद केस में पहले से वांछित)
पुलिस का कहना है कि यह गैंग दिल्ली के सरिता विहार में भी इसी तरह की बड़ी ठगी कर चुका है।