ग्रेटर नोएडा हादसा: तीन दिन बाद पानी से निकली इंजीनियर की कार बीते शुक्रवार रात सेक्टर-150 के पास हुए दर्दनाक हादसे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। युवराज की कार जलभराव वाले गहरे गड्ढे में डूब गई थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के करीब तीन दिन बाद एनडीआरएफ की टीम ने कार को पानी से बाहर निकाला।
हादसे की रात
शुक्रवार रात को युवराज मेहता अपनी कार से सेक्टर-150 के पास से गुजर रहे थे। भारी जलभराव और गहरे गड्ढे के कारण उनकी कार सीधे पानी में जा गिरी। कार पूरी तरह से डूब गई और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा। इस हादसे में 27 वर्षीय इंजीनियर की जान चली गई।
एनडीआरएफ की कार्रवाई
हादसे के बाद एनडीआरएफ की टीम को कार निकालने के लिए लगाया गया। टीम ने लगातार प्रयास किया और आखिरकार तीन दिन बाद कार को पानी से बाहर निकालने में सफलता पाई। कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हालत में मिली।
जांच और जिम्मेदारी
इस हादसे ने नोएडा प्राधिकरण और संबंधित विभागों की लापरवाही को उजागर कर दिया है। सेक्टर-150 में लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है। स्टॉर्मवॉटर मैनेजमेंट योजना वर्षों से कागज़ों में अटकी हुई है, जिसके कारण बारिश का पानी निकल नहीं पाया और हादसे जैसी स्थिति बनी।
लोगों का आक्रोश
स्थानीय निवासियों ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यदि समय पर जल निकासी की व्यवस्था की जाती तो यह हादसा टाला जा सकता था। कई सोसायटियों के बेसमेंट भी मानसून में पानी से भर गए थे, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।