
ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक लूटपाट करने वाले गिरोह के दो बदमाशों को पकड़ लिया है. ये लोग एक्सप्रेसवे पर यात्रियों को रोककर ‘अधिकारियों की चेकिंग’ का बहाना बनाते थे और फिर उनसे नकदी और कीमती सामान लूट लेते थे. वहीं अब इनके साथियों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है.
मुठभेड़ में एक घायल, दूसरा गिरफ्तार
गुरुवार रात पुलिस बीआईसी गेट के पास चेकिंग कर रही थी, तभी बिना नंबर प्लेट की संदिग्ध मारुति सियाज कार आती दिखी. पुलिस ने रुकने का इशारा किया, लेकिन कार नहीं रुकी और कार सवार कार को भगाने लगे. पीछा करने पर कार सवार बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश विपिन यादव के पैर में गोली लगी जबकि उसका साथी विवेक शर्मा कॉम्बिंग ऑपरेशन में पकड़ लिया गया.
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क्या मिला बदमाशों के पास से?
पुलिस ने इन दोनों के पास से दो अवैध तमंचे, चार जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, एक बिना नंबर की मारुति सियाज कार, दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं.
लूट का तरीका क्या था?
ये बदमाश नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली-NCR में काफी समय से सक्रिय थे. इनका तरीका था राहगीरों को लिफ्ट देना, खुद को कूरियर या पार्सल डिलीवरी एजेंट बताना और फिर ‘अधिकारियों की चेकिंग’ का बहाना बनाकर यात्रियों से पैसे और सामान लिफाफे में रखवाकर धोखे से लिफाफा बदल देना. अगर कोई विरोध करता तो विरोध करने पर तमंचा दिखाकर लूटपाट करते और फिर सुनसान जगह पर उतारकर फरार हो जाते थे.
बाकी साथियों की हो रही तलाश
पुलिस अब इस गैंग के अन्य साथियों की तलाश कर रही है और पूरे गिरोह के नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है. घायल बदमाश को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और दोनों से पूछताछ जारी है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना दें और अनजान लोगों से लिफ्ट लेने से बचें.