
ग्रेटर नोएडा में शादी का झूठा वादा कर संबंध बनाने के मामले में आरोपी विष्णु केतिया को अदालत से राहत नहीं मिली है। सत्र न्यायाधीश की अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि आरोपी पर लगे आरोप गंभीर हैं। मामले की जांच अभी चल रही है, ऐसे में अग्रिम जमानत का आधार पर्याप्त नहीं है। पीड़िता ने 16 जुलाई 2025 को थाना सेक्टर-113 नोएडा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि 2017 में गोवा में आरोपी से मुलाकात हुई थी, जिसके बाद उसने शादी का प्रस्ताव दिया। 2018 में कोलकाता बुलाकर शादी का आश्वासन देकर शारीरिक संबंध बनाए गए। इसके बाद दिल्ली और नोएडा में भी संबंध बनाए गए।
बाद में आरोपी ने बताया कि वह पहले से शादीशुदा है और तलाक की प्रक्रिया में है। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपी ने अपनी वैवाहिक स्थिति छिपाकर महिला को धोखा दिया। वहीं, आरोपी के अधिवक्ता ने दलील दी कि दोनों के बीच संबंध आपसी सहमति से थे और पीड़िता आर्थिक लाभ के लिए झूठा आरोप लगा रही है। अदालत ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी का पहले से शादीशुदा होना और इस तथ्य को छिपाकर शादी का वादा करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इसलिए उसे अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती।
पीड़िता ने कानूनी रास्ता अपनाया
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने बताया कि वह पहले शादीशुदा है। उसकी तलाक की प्रक्रिया चल रही है। इस झूठ के सामने आने के बाद पीड़िता ने कानूनी रास्ता अपनाया। अभियोजन की तरफ से भी जमानत का विरोध किया गया। इसके बाद कोर्ट ने जमानत खारिज कर दी।
आर्थिक लाभ को लेकर आरोप लगाए
आरोपी पक्ष के वकील ने कोर्ट के सामने दलील रखी की कि दोनों के बीच संबंध आपसी सहमति से बने थे। पीड़िता ने आर्थिक लाभ को लेकर आरोप लगाए हैं। अदालत ने तर्क खारिज करते हुए कहा कि पूर्व में शादीशुदा होने की जानकारी छिपाकर विवाह का आश्वासर देना और संबंध बनाना गंभीर अपराध के वर्ग में आता है।