
ग्रेटर नोएडा के यमुना सिटी सेक्टर-28 में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाली एक महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत होने जा रही है। यहां चार मंजिला फ्लैटेड फैक्ट्री का निर्माण किया जाएगा, जो यमुना सिटी की पहली फ्लैटेड फैक्ट्री होगी। इस परियोजना की जिम्मेदारी अभिलाषा एंटरप्राइजेज को सौंपी गई है और अगले 15 दिनों के भीतर निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। परियोजना की कुल लागत 114.93 करोड़ रुपये तय की गई है।
यमुना प्राधिकरण के अनुसार, सेक्टर-28 में 350 एकड़ भूमि पर मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है। इसी के अंतर्गत यह फ्लैटेड फैक्ट्री 20,160 वर्गमीटर क्षेत्र में बनाई जाएगी। इसमें फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) 1.4 और ग्राउंड कवरेज 35% निर्धारित किया गया है। फैक्ट्री में तीन श्रेणियों की औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित की जाएंगी—टाइप-ए (120 वर्गमीटर, 50 इकाइयाँ), टाइप-बी (90 वर्गमीटर, 64 इकाइयाँ) और टाइप-सी (60 वर्गमीटर, 126 इकाइयाँ)।
इस परियोजना के लिए ईपीसी अनुबंध के तहत 175.32 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया था, जिसे अभिलाषा एंटरप्राइजेज ने 22% कम दर पर प्राप्त किया। निर्माण कार्य 15 नवंबर तक शुरू होने की उम्मीद है और इसे 24 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
फैक्ट्री परिसर में 60 वर्गमीटर की एक रिटेल शॉप, 500 वर्गमीटर का मल्टीपरपज हॉल, और 330 वर्गमीटर का एग्जीबिशन हब भी बनाया जाएगा। इसके अलावा, 202 कारों की पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। यह परियोजना विशेष रूप से मेडिकल उपकरण निर्माण से जुड़ी स्टार्टअप और लघु औद्योगिक इकाइयों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जिससे उन्हें कम लागत में व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिलेगा।
यमुना प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि यह परियोजना यमुना सिटी में फ्लैटेड फैक्ट्री के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने यह भी बताया कि शहर में कुल 11 फ्लैटेड फैक्ट्री प्रस्तावित हैं, जिनमें से सेक्टर-29 के अपेरल पार्क और सेक्टर-10 के इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में भी ऐसी फैक्ट्रियाँ विकसित की जाएंगी।
यह परियोजना न केवल औद्योगिक विकास को गति देगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों को भी मजबूती प्रदान करेगी।