नोएडा। गौतमबुद्धनगर के कस्बा जहांगीरपुर में एक महिला की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। दो पड़ोसियों ने मिलकर पहले गला घोंटा, फिर आत्महत्या का नाटक रचा और अंत में शव को खंडहर में दफना दिया। पुलिस ने मात्र 24 घंटे के अंदर दोनों हत्यारों को गिरफ्तार कर पूरी साजिश बेनकाब कर दी।
पुलिस के अनुसार हत्या की शिकार रंजना (उम्र करीब 40 वर्ष) पत्नी महेश निवासी मोहल्ला कुम्हारान, जहांगीरपुर की थी। 18 नवंबर 2025 की रात करीब 10-11 बजे आरोपी बंटी और राकेश उसके घर पहुंचे। दरवाजा खुलते ही दोनों अंदर घुसे और एक साधारण अंगोछे से रंजना का गला इतनी जोर से कसा कि कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो गई। हत्या के तुरंत बाद दोनों ने बेहद शातिराना अंदाज में प्लान का दूसरा हिस्सा शुरू किया। रंजना की अपनी शॉल से फंदा बनाया और शव को कमरे के पंखे से लटका दिया ताकि लगे कि यह आत्महत्या का मामला है। उस रात रंजना का पति और परिवार का कोई सदस्य घर पर नहीं था, इसलिए शव पूरी रात पंखे से लटका रहा।
अगली रात यानी 19-20 नवंबर को दोनों आरोपी फिर रंजना के घर पहुंचे। शव को पंखे से उतारा और पहले से तैयार योजना के तहत अपने मोहल्ले के पास बने एक पुराने खंडहर मकान में ले गए। वहां पहले से ही फावड़े से गड्ढा खोद रखा था। शव को गड्ढे में डालकर मिट्टी से ढक दिया ताकि कोई पता ही न चले।20 नवंबर की रात किसी ने पुलिस को सूचना दी कि खंडहर में कुछ गड़बड़ है। थाना जेवर की पुलिस मौके पर पहुंची तो मिट्टी हटाने पर रंजना का शव मिला। सबसे बड़ा सवाल पुलिस के सामने यही था कि अगर आत्महत्या थी तो शव खंडहर में दफन क्यों? घर में पंखे पर फंदे के निशान थे, लेकिन शव गायब था।
पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस जुटाना शुरू किया। पता चला कि रंजना की दोनों आरोपी पड़ोसियों बंटी और राकेश से अच्छी जान-पहचान थी। पांच साल पहले राकेश की पत्नी और छह महीने पहले बंटी की पत्नी घर छोड़कर चली गई थीं। दोनों को शक था कि रंजना ने ही उनकी पत्नियों को बहकाकर भगाया है।जांच के दौरान पुलिस ने दोनों पर दबिश डाली। शुरू में दोनों टालमटोल करते रहे, लेकिन सख्ती के बाद टूट गए और पूरी कहानी कबूल कर ली।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने खंडहर से वही फावड़ा, हत्या में इस्तेमाल अंगोछा और शॉल बरामद कर ली।पुलिस ने दोनों आरोपियों – बंटी पुत्र रणवीर सिंह और राकेश पुत्र खजान सिंह, दोनों निवासी मोहल्ला कुम्हारान, जहांगीरपुर – को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1)/238ए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
थाना जेवर पुलिस की त्वरित कार्रवाई और लोकल इंटेलिजेंस की बदौलत एक ऐसी सनसनीखेज हत्या का मात्र एक दिन में खुलासा हो गया, जिसमें हत्यारों ने तीन अलग-अलग तरीकों से पुलिस को चकमा देने की कोशिश की थी – गला घोंटकर हत्या, आत्महत्या का नकली सीन और फिर शव को दफनाकर सबूत मिटाना। लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के आगे उनकी सारी चालाकी बेकार साबित हुई।