ग्रेटर नोएडा। सिरसा गांव में हुए चर्चित निक्की भाटी हत्याकांड में शुक्रवार को सत्र न्यायालय ने मृतका के जेठ रोहित भाटी की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने आरोपी पक्ष की दलीलों को अस्वीकार करते हुए कहा कि मामले में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं और चार्जशीट में षड्यंत्र के तहत हत्या का उल्लेख है।
निक्की के परिजनों के अधिवक्ता उधम सिंह तोंगड़ और दिनेश कुमार कलसन ने बताया कि कासना कोतवाली पुलिस द्वारा दाखिल की गई 500 पन्नों से अधिक की चार्जशीट के बाद जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत को अवगत कराया गया कि हत्या योजनाबद्ध तरीके से की गई है और इसमें पूरा परिवार शामिल है।
बच्चे का बयान बना अहम साक्ष्य
चार्जशीट के अनुसार, निक्की का छह वर्षीय बेटा घटनास्थल पर मौजूद था। उसने बयान दिया कि "पापा ने मम्मी को मारा, उनके ऊपर कुछ डाला और आग लगा दी।" इसके बाद वह पड़ोसी की छत से कूदकर भाग गया। बच्चे का यह बयान पुलिस की विवेचना के लिए ठोस आधार बना और अदालत ने इसे प्रत्यक्षदर्शी का साक्ष्य मानते हुए गंभीर माना।
योजनाबद्ध हत्या का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि योजनाबद्ध हत्या थी। मृतका के पति विपिन भाटी, ससुर सत्यवीर, सास दया और जेठ रोहित भाटी पर आरोप है कि उन्होंने मिलकर निक्की को ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग के हवाले किया। घटनास्थल से कपड़ों के टुकड़े, लाइटर, क्लेचर और थिनर से जुड़े साक्ष्य मिले, जो आगजनी को मानव निर्मित बताते हैं।
मामला दर्ज और गिरफ्तारी
22 अगस्त 2025 को निक्की की बहन कंचन ने कासना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि 21 अगस्त की शाम करीब 5:45 बजे निक्की को परिवार ने आग लगा दी। प्रारंभिक जांच में डॉक्टरों और नर्सों ने कहा था कि निक्की ने सिलेंडर फटने की बात कही थी, लेकिन घटनास्थल पर सिलेंडर विस्फोट का कोई सुराग नहीं मिला।
23 अगस्त को पुलिस ने पति विपिन को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर डिक्सन कंपनी तिराहे के पास ग्रीन बेल्ट की झाड़ियों से थिनर की बोतल बरामद की गई, जिसे निक्की पर डालकर आग लगाने का आरोप है। यह बरामदगी अभियोजन के लिए अहम कड़ी साबित हो सकती है।