शहनाई की गूंज अब भी घर में थी, लेकिन मोहित के कदम अब सीमा की ओर बढ़ चले थे। सिर पर सेहरा उतरा नहीं था, कि देश ने फिर से पुकारा। मां की आंखों में आंसू थे, पर सीना गर्व से चौड़ा। ये कहानी है उस सपूत की, जिसने सात फेरे के बाद भी सबसे पहले वर्दी चुनी। MP के वायु सैनिक मोहित राठौर की शादी के बाद कैंसिल हुई छुट्टी, ड्यूटी पर लौटते हुए कहा – 'राष्ट्र सर्वोपरि', आपको बता दें कि राजगढ़ जिले के कुरावर निवासी वायु सैनिक मोहित राठौर की शादी लसुड़िया रामनाथ की वंदना से तय हुई थी। परिवार ने पूरे उत्साह से विवाह रचाया। लेकिन सात फेरों के बाद ही मोहित को यूनिट से आदेश मिला – “तुरंत रिपोर्ट करें, आपकी छुट्टी रद्द की जाती है।” मोहित ने बिना एक पल गंवाए वर्दी पहनी और देश की सेवा में लौट चले।
बेटे के फैसले पर मां ने भरी आंखों से कहा –
'मुझे अपने लाल पर नाज है' मोहित की मां की आंखों में विदाई के आंसू नहीं, गर्व का सैलाब था। उन्होंने कहा "मेरे बेटे ने जो किया, वो हर मां चाहेगी। ये सिर्फ मेरा बेटा नहीं, देश का बेटा है।"
दूल्हा बनने से पहले ही तैयार था योद्धा बनने को
मोहित को शादी के लिए 15 मई तक की छुट्टी मिली थी, लेकिन जैसे ही भारत-पाक तनाव के चलते हालात गंभीर हुए, सभी जवानों की छुट्टियां रद्द कर दी गईं। मोहित को आदेश मिला और उन्होंने तुरंत ड्यूटी के लिए कूच कर दिया।
लोग बोले – 'ऐसे होते हैं रियल हीरो'
मोहित की ये कहानी अब सोशल मीडिया पर वायरल है। यूनिफॉर्म में विदा होते दूल्हे की तस्वीरें लोगों के दिलों को छू रही हैं। हर कोई कह रहा है –"जब तक ऐसे जवान हैं, देश कभी नहीं झुकेगा।"