GST Changes October 7 : जीएसटी व्यवस्था में एक बार फिर कुछ बड़े बदलावों की तैयारी चल रही है। जीएसटी परिषद की 7 अक्टूबर को होने वाली बैठक में इस बार मुख्य ध्यान टैक्स की दर बदलने के बजाय कारोबार से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर रहने की उम्मीद है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी जीएसटी प्रक्रिया में सुधार के अगले चरण को जल्द परिषद के सामने लाने की बात कही है।
छोटे कारोबारियों को मिल सकती है राहत
नए प्रस्तावों का सबसे बड़ा असर छोटे कारोबारियों पर पड़ सकता है। जीएसटी पंजीकरण और रिटर्न भरने की प्रक्रिया को आसान बनाने पर काम किया जा रहा है। खास तौर पर छोटे और कम जोखिम वाले कारोबारों के लिए पहले भी आसान पंजीकरण व्यवस्था शुरू की गई थी। अब इसे और बेहतर बनाने की कोशिश हो सकती है, जिससे कारोबारियों को कागजी काम और दूसरी परेशानियों से राहत मिले।
ऑनलाइन सामान बेचने वालों के लिए भी बदलाव
ऑनलाइन सामान बेचने वाले छोटे कारोबारियों के लिए भी जीएसटी व्यवस्था में राहत का प्रस्ताव सामने आया है। छोटे विक्रेताओं को कुछ मामलों में ई-कॉमर्स मंचों के गोदाम का इस्तेमाल जीएसटी पंजीकरण के लिए करने की सुविधा मिल सकती है। इसका फायदा उन छोटे कारोबारियों को हो सकता है जो इंटरनेट के जरिए अपना सामान देश के अलग-अलग हिस्सों में बेचते हैं।
ग्राहकों पर सीधे क्या असर पड़ेगा
आम ग्राहकों के लिए फिलहाल सबसे जरूरी बात यह है कि 7 अक्टूबर की बैठक में बड़े टैक्स दर बदलाव की उम्मीद नहीं है। इस समय ध्यान कारोबार की प्रक्रिया को आसान बनाने पर है। इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि बैठक के तुरंत बाद रोजमर्रा के सामान की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव आएगा। हालांकि कारोबारियों के लिए प्रक्रिया आसान होने से लंबे समय में सामान और सेवाओं की लागत पर असर पड़ सकता है।
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रिफंड और टैक्स विवाद भी हो सकते हैं आसान
जीएसटी में रिफंड, पंजीकरण और टैक्स से जुड़े विवादों को कम करने पर भी चर्चा होनी है। सरकार की कोशिश है कि कारोबारियों का पैसा रिफंड के इंतजार में लंबे समय तक न अटके और छोटे मामलों को लेकर होने वाली कानूनी परेशानियां कम हों। जीएसटी परिषद की बैठक में इन सुधारों पर फैसला होने के बाद कारोबारियों को आगे की तस्वीर साफ होगी। फिलहाल 7 अक्टूबर की बैठक पर छोटे कारोबारी और ग्राहक दोनों की नजर बनी हुई है।