मोदी सरकार ने जीएसटी (GST) ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए टैक्स स्ट्रक्चर को आसान और पारदर्शी बनाने का ऐलान किया है। नए जीएसटी 2.0 के तहत अब सिर्फ दो स्लैब रहेंगे—5% और 18%। वहीं सिन गुड्स और लग्ज़री गुड्स पर 40% जीएसटी लगाया जाएगा। इसका असर सीधे आपकी जेब पर पड़ेगा। सिगरेट, गुटखा, पान मसाला और फास्ट फूड जैसे उत्पाद अब और महंगे हो जाएंगे, जबकि रोटी, पनीर और दूध जैसे सामान टैक्स फ्री हो गए हैं। सरकार का दावा है कि यह कदम लोगों को नशे और अस्वस्थ खानपान से दूर करने और राजस्व बढ़ाने की दिशा में है।
तंबाकू और फास्ट फूड पर 40% टैक्स
सरकार ने सिगरेट, गुटखा, चबाने वाला तंबाकू और पान मसाला को ‘सिन गुड्स’ की श्रेणी में रखते हुए इन पर 40% जीएसटी लगा दिया है। उदाहरण के लिए, अभी 256 रुपये में मिलने वाला सिगरेट पैकेट नई दरों के बाद लगभग 280 रुपये का हो जाएगा। इसी तरह शुगरी ड्रिंक्स, कार्बोनेटेड पेय और फास्ट फूड भी महंगे होंगे।
कार और बाइक खरीदना होगा आसान
नए जीएसटी सुधारों के तहत कार और बाइक की कीमतों में 8-10% तक की कमी आएगी। छोटे और मिड सेगमेंट की गाड़ियां, जैसे मारुति सुजुकी ऑल्टो, हुंडई ग्रैंड i10 और टाटा टियागो की कीमतें अब ₹70,000 तक कम हो सकती हैं। हालांकि लग्ज़री कारों को 40% टैक्स स्लैब में रखा गया है, जिससे इनकी कीमत बढ़ सकती है।
जीरो जीएसटी वाली चीजें
सरकार ने कई जरूरी खाद्य उत्पादों को टैक्स फ्री कर दिया है। इनमें रेडी टू ईट रोटी, पराठा, सभी तरह के ब्रेड, पनीर, यूएचटी दूध और छेना शामिल हैं। इससे आम आदमी की रसोई का बोझ कुछ हल्का होगा।
टैक्स सिस्टम हुआ आसान
12% और 28% वाले टैक्स स्लैब खत्म कर दिए गए हैं। अब अधिकांश वस्तुएं सिर्फ 5% या 18% टैक्स स्लैब में रहेंगी। यह बदलाव मध्यम वर्ग के लिए राहतभरा है, वहीं सरकार को टैक्स कलेक्शन बढ़ाने में मदद मिलेगी।