GST Rates Annual Change Rule : जीएसटी व्यवस्था में बार-बार होने वाले बदलावों को सीमित करने की तैयारी है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, आगे से GST Rates में बदलाव के प्रस्तावों पर साल में केवल एक बार विचार किया जा सकता है। इतना ही नहीं, मंजूरी मिलने के बाद नई दरें 1 अप्रैल यानी नए वित्त वर्ष की शुरुआत से लागू करने की व्यवस्था अपनाई जाएगी। इससे कारोबारियों को कीमत, अनुबंध और निवेश की योजना बनाने के लिए ज्यादा स्थिरता मिल सकती है।
साल में एक बार होगी Rate Review
प्रस्ताव के मुताबिक, GST Rates में बदलाव से जुड़े प्रस्ताव साल में एक ही बार जीएसटी काउंसिल के सामने लाए जाएंगे। मंजूरी के बाद इन्हें 1 अप्रैल से लागू किया जाएगा। इसका मकसद कारोबारियों और उद्योगों के लिए Tax Structure को अधिक अनुमानित बनाना है। हालांकि, जरूरत पड़ने पर परिषद के पास विशेष मामलों पर विचार करने की व्यवस्था बनी रह सकती है।
8 अक्टूबर की बैठक में क्या होगा
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 8 अक्टूबर को GST Council की 57वीं बैठक होने वाली है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक के एजेंडे में व्यापक Tax Rate बदलाव शामिल नहीं है। परिषद का फोकस पिछले Rate Rationalisation के बाद बचे सीमित मुद्दों और टैक्स वर्गीकरण से जुड़ी अस्पष्टताओं को दूर करने पर रह सकता है।
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दो स्लैब वाली व्यवस्था पहले से लागू
पिछले साल GST Rates को तर्कसंगत बनाने के बाद पुरानी चार स्लैब व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया था। 5, 12, 18 और 28 फीसदी की व्यवस्था की जगह मुख्य रूप से 5 और 18 फीसदी की दो-दर वाली संरचना लागू की गई। सरकार का कहना है कि इस बदलाव से खपत को बढ़ावा देने और टैक्स व्यवस्था को सरल बनाने में मदद मिली है।
कारोबारियों को मिलेगी ज्यादा निश्चितता
दरें बार-बार बदलने के बजाय साल में एक बार बदलने की व्यवस्था लागू होती है तो कंपनियों के लिए कीमत तय करना और लंबे समय के अनुबंध तैयार करना आसान हो सकता है। इससे Capital Expenditure और कारोबार विस्तार की योजना बनाने में भी मदद मिल सकती है। सूत्रों के मुताबिक, पिछले Rate Rationalisation के बाद GST Collection में भी मजबूती देखी गई है और जून 2026 से मासिक राजस्व में दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज की गई है।