गुजरात में एंटी टेरर स्कॉड (ATS) ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार कर एक बड़े केमिकल हमले की साजिश को टाल दिया है। प्रारम्भिक जांच में पाया गया है कि पकड़े गए आरोपियों ने ‘रिसिन’ जैसे अत्यंत जहरीले प्रोटीन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर रखी थी, जो वैश्विक स्तर पर सबसे खतरनाक केमिकल हथियारों में गिना जाता है। यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है।
रिसिन की भयावहता और खतरा
रिसिन अरंडी के बीज से निकला अत्यंत जहरीला प्रोटीन है। इसकी बहुत कम मात्रा भी जानलेवा हो सकती है और शरीर में जाने पर 48–72 घंटे में घातक प्रभाव दिखता है। अंतरराष्ट्रीय नियमों में इसे Schedule-1 केमिकल में शामिल किया गया है और फिलहाल इसका कोई प्रभावी एंटीडोट उपलब्ध नहीं है। इस वजह से इसकी तैयारी और रखने वाली हर गतिविधि को गंभीर अपराध माना जाता है।
गिरफ्तारी और बरामदगी
ATS ने अहमद मोहय्यूद्दीन सैयद, आजाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सुहैल मोहम्मद सलीम को हिरासत में लिया। आरोपियों के पास रासायनिक उपकरण और निर्माण सामग्री मिलीं, जिससे संकेत मिला कि वे रिसिन बनाने की प्रारम्भिक रासायनिक प्रक्रिया तक पहुंच चुके थे। जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि यह सामग्री कहाँ से आई और क्या कोई बाहरी मदद शामिल थी।
वैश्विक संदर्भ और खतरे का आकलन
इतिहास में रिसिन से संबंधित कुछ हमले और खतरे दर्ज हुए हैं, इसलिए इसकी तैयारी को कभी हल्के में नहीं लिया जाता। तकनीकी कारणों से बड़े पैमाने पर फैलाना चुनौतीपूर्ण होता है, पर व्यक्तिगत लक्ष्यों को निशाना बनाकर नुकसान पहुँचाने की क्षमता चिंताजनक बनी रहती है और इससे सुरक्षा तंत्र सतर्क हो जाता है।
आगे की कार्रवाई और सतर्कता
एजेंसियां स्रोतों की पड़ताल कर रही हैं तथा विधिक कार्रवाई तेज है। क्षेत्रीय निगरानी बढ़ा दी गई है और जनता से सतर्कता बरतने तथा संदिग्ध गतिविधि की जानकारी देने का आग्रह किया गया है। मामले की गहन जांच जारी है और पकड़े गए आरोपियों से मिली सामग्री का लैब परीक्षण कराया जा रहा है।