Fake Gmail Accounts : गुजरात में सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले ईमेल की जांच में बड़ा साइबर नेटवर्क सामने आया है। गुजरात पुलिस ने इस मामले में बिहार और झारखंड से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान पुलिस को 5 लाख 13 हजार 847 अलग-अलग ईमेल आईडी और उनके पासवर्ड की सूची मिली है।
10 सितंबर को मिला था धमकी भरा मेल
मामला तब सामने आया जब 10 सितंबर को गुजरात सरकार के विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग को धमकी भरा ईमेल मिला। इसमें मुख्यमंत्री कार्यालय, गुजरात विधानसभा, प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री समेत कई अहम जगहों को निशाना बनाने की धमकी दी गई थी। ईमेल में हाल ही में हुए ब्रिक्स सम्मेलन से जुड़े देशों का भी जिक्र था। इसके बाद साइबर टीम ने ईमेल की तकनीकी जांच शुरू की।
जांच पहुंची बिहार और झारखंड
ईमेल की डिजिटल जांच करते हुए पुलिस को इसका सुराग बिहार के भागलपुर तक मिला। यहां से पुलिस ने रोशन कुमार को पकड़ा। पूछताछ के दौरान कथित तौर पर सामने आया कि उसे धमकी भेजने के लिए इस्तेमाल किया गया ईमेल झारखंड के देवघर निवासी गुलशन कुमार सिंह ने दिया था। इसके बाद पुलिस ने गुलशन को भी गिरफ्तार कर लिया।
लाखों ईमेल आईडी का इस्तेमाल
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास मिली 5.13 लाख से ज्यादा ईमेल आईडी और पासवर्ड सिर्फ सामान्य इस्तेमाल के लिए नहीं थे। इनका इस्तेमाल धमकी भरे ईमेल भेजने और दूसरे साइबर अपराधों के लिए किए जाने की आशंका है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इनमें से कितने खातों का इस्तेमाल वास्तव में धमकी भेजने के लिए हुआ था।
बांग्लादेश कनेक्शन की भी जांच
इस पूरे मामले में बांग्लादेश से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस को शुरुआती जांच में आर्थिक मदद और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए लेनदेन के संकेत मिले हैं। हालांकि इस विदेशी कनेक्शन से जुड़ी पूरी तस्वीर अभी जांच के बाद ही साफ होगी।
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अब Google से भी पूछताछ होगी
इतने बड़े पैमाने पर ईमेल खाते तैयार किए जाने के बाद पुलिस अब Google से भी सवाल करने की तैयारी में है। जांच एजेंसियां यह समझना चाहती हैं कि इतनी बड़ी संख्या में खाते किस तरह बनाए गए और सुरक्षा व्यवस्था को कैसे दरकिनार किया गया। पुलिस का कहना है कि भविष्य में ऐसे खातों के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव जरूरी है। इस मामले ने दिखा दिया है कि इंटरनेट पर बनाए गए फर्जी खातों का इस्तेमाल सिर्फ ऑनलाइन धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है। इनका इस्तेमाल डर और अफरा-तफरी फैलाने के लिए भी किया जा सकता है। फिलहाल पुलिस 5 लाख से ज्यादा ईमेल खातों की जांच कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों तक पहुंचने की कोशिश जारी है।