गुजरात के वडोदरा जिले में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब एक पुराना पुल अचानक टूट गया. इस हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कुछ लोग अब भी लापता हैं. राहत और बचाव का काम भी जारी है.यह हादसा न केवल एक बड़ी मानवीय त्रासदी है, बल्कि यह भी दिखाता है कि जरूरी बुनियादी ढांचे की अनदेखी कैसे जानलेवा बन सकती है. अब सवाल उठता है कि अगर पहले ही चेतावनी को गंभीरता से लिया गया होता, तो शायद इतनी जानें न जातीं. और सवाल ये भी उठता है कि आखिर चूक कहां रह गई.
40 साल पुराना था पुल, फिर भी चलता रहा ट्रैफिक
यह हादसा वडोदरा और आणंद जिले को जोड़ने वाले गंभीरा पुल पर हुआ, जो 1985 में बना था. यह पुल करीब 40 साल पुराना और जर्जर हो चुका था, लेकिन इसके बावजूद यहां से भारी वाहन लगातार गुजरते रहे. स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की थी कि पुल से गुजरते समय तेज कंपन होती है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.
टोल टैक्स बचाने के लिए पुल का इस्तेमाल
बताया जा रहा है कि वाहन चालक मुंबई- अहमदाबाद हाईवे पर लगने वाले टोल टैक्स से बचने के लिए इस पुराने पुल से गुजरते थे. इससे उन्हें न केवल टोल की बचत होती बल्कि 30-35 किलोमीटर का रास्ता भी छोटा हो जाता. इसी वजह से भारी ट्रकों की आवाजाही लगातार बनी रही, जिससे पुल पर अतिरिक्त दबाव पड़ा और वह टूट गया.
हादसे का भयावह मंजर
बुधवार दोपहर अचानक पुल का एक हिस्सा भरभरा कर गिर गया. उस समय वहां से दो ट्रक, एक एसयूवी, एक पिकअप वैन और एक ऑटो रिक्शा गुजर रहे थे, जो सीधे नदी में गिर गए. एक टैंकर पुल के किनारे पर अटक गया, जिसे किसी तरह बचाया गया.
स्थानीय लोगों में चिंत
बोरसाद गांव के निवासी देवेंद्र पटेल ने बताया कि "हर बार जब भारी वाहन इस पुल से गुजरता था तो उसका स्पैन हिलता हुआ दिखता था. हमें पहले से ही डर था कि एक दिन कुछ बड़ा हादसा होगा." उन्होंने बताया कि पास ही में एक और पुल की हालत भी बेहद खराब है और उस पर भी खतरा बना हुआ है.
लंबे समय से हो रही थी नए पुल की मांग
बामनगाम और आसपास के गांवों के लोग लंबे समय से नए पुल की मांग कर रहे थे. अधिकारियों ने बताया कि इस मांग को देखते हुए सरकार ने नवंबर 2024 में नए पुल के निर्माण का प्रस्ताव पास कर दिया है, जिसकी अनुमानित लागत 217 करोड़ रुपये है.
सीएम ने दिए जांच के आदेश
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं. अधिकारियों से कहा गया है कि हादसे की वजहों की पूरी जांच की जाए और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए.