गुजरात में शादी के नियमों को लेकर बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया गया है। राज्य विधानसभा में सरकार ने मैरिज रजिस्ट्रेशन से जुड़े नए नियमों की घोषणा की है। इस प्रस्ताव के मुताबिक अब किसी भी शादी को रजिस्टर कराने से पहले माता-पिता को इसकी जानकारी देना जरूरी होगा। यानी चुपचाप या घरवालों को बताए बिना शादी करना पहले जितना आसान नहीं रहेगा।
कानून में संशोधन का प्रस्ताव
सरकार ने गुजरात मैरिज रजिस्ट्रेशन एक्ट के नियम 44 में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। इसे जनहित से जुड़ा कदम बताया गया है। सरकार का कहना है कि इस बदलाव से पारदर्शिता बढ़ेगी और शादी की प्रक्रिया अधिक जिम्मेदार बनेगी। नए नियम लागू करने से पहले सरकार ने 30 दिन का समय दिया है, ताकि लोग अपनी राय और आपत्तियां दर्ज करा सकें।
माता-पिता को सूचना देना अनिवार्य
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, शादी के लिए आवेदन करते समय कपल को यह घोषणा देनी होगी कि उन्होंने अपने माता-पिता को शादी की जानकारी दी है। इसके साथ ही मां और पिता दोनों के आधार कार्ड, स्थायी पता और मोबाइल नंबर भी जमा करने होंगे। यह जानकारी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया का जरूरी हिस्सा होगी।
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दस्तावेजों की जांच और आधिकारिक सूचना
नए सिस्टम के तहत असिस्टेंट रजिस्ट्रार दस्तावेजों की जांच करेंगे। जांच पूरी होने के बाद 10 कार्य दिवस के भीतर माता-पिता को इलेक्ट्रॉनिक या लिखित माध्यम से शादी की सूचना भेजी जाएगी। यानी सरकार खुद यह सुनिश्चित करेगी कि परिवार को शादी की जानकारी मिल जाए।
ऑनलाइन पोर्टल और 30 दिन का इंतजार
एक और बड़ा बदलाव यह है कि पूरी प्रक्रिया को अब एक केंद्रीकृत ऑनलाइन पोर्टल पर लाया जाएगा। कागजी काम कम किया जाएगा और डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। साथ ही, शादी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी करने से पहले 30 दिन की वेटिंग पीरियड भी रखी जाएगी। इससे जल्दबाजी में होने वाली शादियों पर रोक लग सकती है।
प्रेमी जोड़ों के लिए क्या मायने?
इन प्रस्तावित नियमों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे पारदर्शिता और सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं, तो कुछ इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं। अगर यह नियम लागू हो जाते हैं, तो गुजरात में शादी की कानूनी प्रक्रिया पहले से ज्यादा सख्त और औपचारिक हो जाएगी। अब सबकी नजर इस पर है कि 30 दिन की आपत्ति अवधि के बाद सरकार क्या अंतिम फैसला लेती है।