Gujarat poisonous liquor case-गुजरात में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में जांच का दायरा मध्य प्रदेश तक पहुंच गया है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी रईस को भोपाल के करोंद इलाके से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि उसकी ससुराल भोपाल में है और वह पिछले करीब दो महीनों से गुजरात में जहरीली शराब की सप्लाई कर रहा था। इस घटना में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि जांच के दौरान मुरैना कनेक्शन भी सामने आया है।
भोपाल से पकड़ा गया मुख्य आरोपी रईस
गुजरात पुलिस ने जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी रईस को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि रईस की ससुराल करोंद इलाके में है। पुलिस को उसकी लोकेशन मिलने के बाद कार्रवाई की गई और उसे वहीं से दबोच लिया गया। जांच एजेंसियां अब उससे पूछताछ कर शराब की सप्लाई और पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।
दो महीने से गुजरात में कर रहा था सप्लाई
पुलिस की जांच के मुताबिक रईस पिछले करीब दो महीनों से गुजरात में जहरीली शराब की आपूर्ति कर रहा था। आरोप है कि वह स्थानीय शराब तस्करों के संपर्क में था और इसी नेटवर्क के जरिए शराब की सप्लाई की जा रही थी। जहरीली शराब पीने से कई लोगों की तबीयत बिगड़ी और अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मामले में पुलिस लगातार नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
मुरैना के नरेंद्र यादव से जुड़ा कनेक्शन
जांच में इस मामले का तार मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से भी जुड़ता दिखाई दे रहा है। पुलिस के मुताबिक मुरैना निवासी नरेंद्र यादव उर्फ डॉक्टर ने जहरीली शराब तैयार की थी। आरोप है कि नरेंद्र यादव, रईस और गुजरात के स्थानीय शराब तस्कर गौतम सोलंकी मिलकर शराब के इस नेटवर्क को चला रहे थे। हालांकि पूरे नेटवर्क की भूमिका और आपसी कनेक्शन को लेकर पुलिस की जांच जारी है।
जिस शराब को बनाया, उसी का शिकार हुआ आरोपी
इस मामले में एक हैरान करने वाली बात यह भी सामने आई है कि जहरीली शराब तैयार करने का आरोपी बताया जा रहा नरेंद्र यादव खुद भी इसकी चपेट में आ गया। शराब पीने के बाद उसकी मौत हो गई। अब पुलिस रईस से पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जहरीली शराब बनाने में किन चीजों का इस्तेमाल किया गया और इसे गुजरात तक पहुंचाने का पूरा रास्ता क्या था।
21 आरोपी नामजद, 13 गिरफ्तार
पुलिस कार्रवाई के दौरान इस मामले में कुल 21 आरोपियों को नामजद किया गया है। इनमें से अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बाकी आरोपियों की तलाश में अलग-अलग जगहों पर दबिश दी जा रही है। इस मामले ने एक बार फिर अवैध शराब के नेटवर्क और जहरीली शराब से होने वाली मौतों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ गुजरात से मध्य प्रदेश तक फैले इस नेटवर्क की और कड़ियां सामने आने की उम्मीद है।