Gulkand Recipe: गुलाब न केवल अपनी सुंदरता और खुशबू के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसका उपयोग आयुर्वेद में भी अनेक औषधीय गुणों के लिए किया जाता है. गुलाब की पंखुड़ियों से बना गुलकंद एक पारंपरिक भारतीय मिष्ठान्न है, जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शरीर को ठंडक देने वाला और पाचन शक्ति बढ़ाने वाला माना जाता है. गर्मियों में खास तौर पर इसका सेवन लाभकारी होता है. यह लेख आपको बताएगा कि घर पर शुद्ध और रसायन-मुक्त गुलकंद कैसे बनाया जा सकता है.
गुलकंद बनाने की विधि
सामग्री -
ताज़ी गुलाब की पंखुड़ियाँ – 2 कप (देशी या खुशबूदार गुलाब लें)
शक्कर – 1 से 1.5 कप (स्वाद अनुसार)
एक कांच का जार (बर्नी)
वैकल्पिक: इलायची पाउडर, केसर या चंदन पाउडर (स्वाद और खुशबू के लिए)
विधि
सबसे पहले गुलाब की पंखुड़ियों को साफ़ पानी से धोकर छाया में सुखा लें. फिर अब एक कांच के जार में एक परत पंखुड़ियों की डालें, फिर एक परत शक्कर की. इसी तरह परत दर परत गुलाब और शक्कर भरते जाएँ. ऊपर से इलायची या केसर डाल सकते हैं.
फिर जार को ढक्कन से बंद करके 10–15 दिन तक धूप में रखें. हर रोज जार को हिला लें ताकि सब कुछ अच्छे से मिल जाए. करीब 2 हफ्तों में गुलकंद तैयार हो जाएगा – यह गाढ़ा और सुगंधित दिखेगा.
इसके लाभ की बात करें तो शरीर की गर्मी को शांत करता है. यह पाचन में सहायक है. साथ ही यह कब्ज में राहत देता है. यह मुंह की दुर्गंध दूर करता है और ऊर्जा और त्वचा में चमक लाता है.
घर पर बना गुलकंद न सिर्फ स्वादिष्ट होता है, बल्कि स्वास्थ्यवर्धक भी है. रासायनिक उत्पादों से बेहतर, यह प्राकृतिक तरीका अपनाएं और गर्मियों में खुद को रखें ठंडा व तरोताज़ा.