अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव का असर अब खाड़ी क्षेत्र में साफ दिखने लगा है। कुवैत, ओमान, सऊदी अरब, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में हालात तनावपूर्ण बताए जा रहे हैं। इन देशों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं, जिनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर इस संकट की छाया पड़ने लगी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पश्चिम एशिया में करीब 96 लाख भारतीय बसे हुए हैं। इनमें कामगार, छात्र, व्यापारी और परिवारों के साथ रह रहे लोग शामिल हैं। सैन्य गतिविधियों और सुरक्षा सतर्कता के कारण कई स्थानों पर आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे अनिश्चितता का माहौल बन गया है।
दूतावासों ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संबंधित देशों में भारतीय दूतावासों ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। कुवैत, ओमान, सऊदी अरब, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले भारतीय नागरिक जरूरत पड़ने पर इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। दूतावासों ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों से बचने की भी सलाह दी गई है। भारतीय समुदाय के संगठनों को भी सक्रिय रहने और जरूरतमंदों की मदद के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
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IMA की अपील और सहायता व्यवस्था
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी इस संकट की घड़ी में प्रभावित भारतीयों के साथ खड़े रहने की बात कही है। संगठन ने अपने सदस्यों के लिए संपर्क व्यवस्था सुनिश्चित की है ताकि जरूरत पड़ने पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। आईएमए ने लोगों से संयम बनाए रखने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि इस संवेदनशील समय में एकजुटता और सतर्कता ही सबसे बड़ा सहारा है। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े भारतीय पेशेवरों को भी सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा गया है।
छात्रों और कामगारों में बढ़ी चिंता
खाड़ी देशों में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्र और वहां काम करने वाले लाखों श्रमिक इस समय सबसे अधिक चिंता में हैं। कई छात्र अपने परिवारों से दूर रहकर पढ़ाई कर रहे हैं और हालात को लेकर उनके परिजन भी परेशान हैं। संयुक्त अरब अमीरात में भारतीयों की सबसे बड़ी आबादी है, जबकि सऊदी अरब, ओमान और कुवैत में भी बड़ी संख्या में भारतीय कार्यरत हैं। सुरक्षा को लेकर लोग सतर्क हैं और लगातार दूतावास से संपर्क बनाए हुए हैं। कई कंपनियों ने भी अपने कर्मचारियों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
सरकार का आश्वासन और निगरानी
भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह संबंधित देशों के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और हालात पर करीबी नजर रखी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने की योजना भी तैयार रखी गई है। सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह से दूर रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर जरूरी कदम उठाया जाएगा। सभी को उम्मीद है कि हालात जल्द सामान्य होंगे और खाड़ी में रह रहे भारतीय सुरक्षित रहेंगे।