Gulveer Singh Asian Games Medals : भारतीय एथलेटिक्स के स्टार धावक गुलवीर सिंह ने एशियन गेम्स में एक और शानदार उपलब्धि अपने नाम कर ली है। 10000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतने के बाद अब उन्होंने 1500 मीटर स्पर्धा में भी सिल्वर मेडल हासिल किया है। लगातार दो पदक जीतकर गुलवीर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह इस समय भारत के सबसे भरोसेमंद लंबी दूरी के धावकों में शामिल हैं।
पर्सनल बेस्ट के साथ जीता पदक
1500 मीटर की रेस में गुलवीर सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना पर्सनल बेस्ट रिकॉर्ड भी बनाया। उन्होंने यह दौड़ 3 मिनट 36.72 सेकेंड में पूरी की। खास बात यह रही कि पदक के साथ उन्होंने अपने प्रदर्शन का स्तर भी ऊंचा किया। यही वजह है कि उनका यह सिल्वर मेडल भारतीय एथलेटिक्स के लिए और भी खास माना जा रहा है।
किसान परिवार से निकलकर बने स्टार
गुलवीर सिंह का जन्म उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के सिरसा गांव में हुआ था। उनके पिता किसान हैं और परिवार का जीवन साधारण रहा है। गांव में बड़ी संख्या में लोग सेना में सेवा दे चुके हैं, इसलिए गुलवीर का सपना भी सेना में भर्ती होने का था। इसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने दौड़ना शुरू किया और मेहनत के दम पर 2018 में स्पोर्ट्स कोटा के जरिए सेना में भर्ती हो गए।
अरुणाचल में बदली जिंदगी
गुलवीर के करियर का सबसे बड़ा मोड़ उनकी पहली पोस्टिंग के दौरान आया। अरुणाचल प्रदेश में तैनाती के समय उन्होंने बिना विशेष तैयारी के 12 किलोमीटर की क्रॉस कंट्री रेस में हिस्सा लिया और उसे जीत लिया। इसी दौड़ ने उनके टैलेंट को पहचान दिलाई। इसके बाद कोच और अधिकारियों की नजर उन पर पड़ी और उनका खेल करियर नई दिशा में आगे बढ़ गया।
मेडलों से भरा है सफर
गुलवीर सिंह पिछले कुछ वर्षों से लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। 2022 एशियन गेम्स में उन्होंने 10000 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इसके बाद एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दो गोल्ड मेडल अपने नाम किए। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भी उन्होंने सिल्वर और ब्रॉन्ज जीतकर अपनी क्षमता साबित की थी।
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अब नजर अगले बड़े लक्ष्य पर
एशियन गेम्स 2026 में दो सिल्वर मेडल जीतने के बाद गुलवीर सिंह का कद भारतीय एथलेटिक्स में और बढ़ गया है। अलीगढ़ के एक छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाले इस खिलाड़ी की कहानी हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। अब खेल प्रेमियों की नजर उनके अगले बड़े टूर्नामेंट और नए रिकॉर्ड पर टिकी हुई है।