Guna में नेशनल हाईवे-46 पर सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चेकिंग के दौरान एक कार से करीब 1 करोड़ रुपए बरामद होने के बाद कथित तौर पर 20 लाख रुपए लेकर मामला दबाने का आरोप लगा है। मामला सामने आते ही उच्च स्तर पर जांच शुरू हो गई है और पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
चेकिंग में पकड़ी गई करोड़ों की नकदी
पूरा मामला NH-46 पर नियमित वाहन चेकिंग के दौरान शुरू हुआ, जब पुलिस ने गुजरात नंबर की एक स्कॉर्पियो कार को रोका। तलाशी के दौरान वाहन से लगभग 1 करोड़ रुपए नकद बरामद हुए। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद मामला गंभीर हो गया, लेकिन आगे जो हुआ उसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए।
थाने में ‘डील’ का आरोप, 20 लाख में रफा-दफा!
आरोप है कि इस मामले में थाने के कुछ पुलिसकर्मी सक्रिय हुए और व्यापारी के साथ अंदर ही ‘सेटिंग’ कर ली गई। कथित तौर पर 20 लाख रुपए लेकर बाकी 80 लाख रुपए के साथ व्यापारी को छोड़ दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की निष्पक्षता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
शिकायत के बाद खुला मामला, पैसे लौटाने की जल्दबाजी
बताया जा रहा है कि पीड़ित व्यापारी ने इस मामले की जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी तक पहुंचाई। मामला उच्च स्तर तक पहुंचते ही संबंधित पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया और कथित तौर पर ली गई 20 लाख की रकम तुरंत वापस लौटा दी गई। हालांकि, इस कदम को सबूत मिटाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
उच्चस्तरीय जांच शुरू, थाने में डेरा डालकर पूछताछ
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की कमान वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है। अधिकारी मौके पर पहुंचकर व्यापारी और पुलिसकर्मियों के बयानों का मिलान कर रहे हैं। देर रात तक चली पूछताछ से साफ है कि मामला बेहद संवेदनशील है और जल्द ही बड़े खुलासे हो सकते हैं।
सिवनी कांड से तुलना, कार्रवाई की तैयारी
इस मामले की तुलना Seoni में हुए चर्चित हवाला कांड से की जा रही है, जहां करोड़ों की हेराफेरी उजागर हुई थी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।