गुना का गुलाब अब लंदन-पेरिस की फिजाओं में बिखेरेगा खुशबू, अंतरराष्ट्रीय बाजार में होगी 'गुलाबों की नगरी' की खुशबूदार एंट्री
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गुना का गुलाब अब लंदन-पेरिस की फिजाओं में बिखेरेगा खुशबू, अंतरराष्ट्रीय बाजार में होगी 'गुलाबों की नगरी' की खुशबूदार एंट्री
लोकसत्य
रविवार, 29 जून 2025 • 3:53 pm
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गुना:
मध्यप्रदेश
का गुना जिला अब केवल खेती के
लिए नहीं,
बल्कि
गुलाबों की अंतरराष्ट्रीय
पहचान के लिए जाना जाएगा। यहाँ
के किसानों की मेहनत और सरकार
की योजनाओं के सहयोग से अब
गुना के गुलाब पेरिस और लंदन
की मंडियों में अपनी महक
बिखेरेंगे। गुलाब उत्पादन
में आत्मनिर्भर हो चुके गुना
के किसानों के लिए यह एक नई
उड़ान साबित होगी।
विदेशी
बाजार में पहुंचाएंगे 'गुना
का गुलाब'
गुना
के 20 से
25 किसान
अभी लगभग 25
एकड़
भूमि में गुलाब की खेती कर रहे
हैं। इन किसानों का गुलाब
वर्तमान में जयपुर और दिल्ली
जैसे बड़े बाजारों में पहुंच
रहा है। लेकिन अब इन्हें विदेशों
में एक्सपोर्ट करने की तैयारियां
जोरों पर हैं। 16
जुलाई
को विशेषज्ञों की एक टीम गुना
आएगी, जो
किसानों को एक्सपोर्ट की
प्रक्रिया,
संभावनाएं
और आवश्यक फॉर्मेलिटी के बारे
में मार्गदर्शन देगी।
पॉलीहाउस
से बदलेगी खेती की तस्वीर
गुना
में पॉलीहाउस तकनीक के ज़रिए
गुलाब उत्पादन को और बढ़ावा
दिया जा रहा है। 2025-26
में
50 एकड़
भूमि पर पॉलीहाउस तैयार किए
जाएंगे और 150
किसानों
को इसके लिए प्रशिक्षित किया
जाएगा। योजना है कि आने वाले
5 वर्षों
में इसे 500
एकड़
तक विस्तारित किया जाए। एक
पॉलीहाउस की लागत लगभग 25
लाख
रुपए आती है,
जिसमें
सरकार 50% यानी
12.50 लाख
रुपए की सब्सिडी दे रही
है।
गुलाब
की खेती में करोड़ों का
मुनाफा
आकलन
के अनुसार एक किसान एक एकड़
में गुलाब की खेती से सालाना
10 से
12 लाख
रुपए का शुद्ध लाभ कमा रहा है।
यही कारण है कि अब युवा किसान
भी परंपरागत खेती छोड़कर गुलाब
उत्पादन की ओर आकर्षित हो रहे
हैं। गुलाबों की गुणवत्ता और
उत्पादन क्षमता को देखते हुए
यह संभावनाओं से भरा व्यवसाय
बनता जा रहा है।
राष्ट्रीय
मंच पर भी गुना का डंका
गुना
के गुलाबों ने हाल ही में अखिल
भारतीय गुलाब प्रदर्शनी में
पहला और दूसरा स्थान प्राप्त
किया है। साथ ही इन्हें "Because
Of Hope" श्रेणी
में राष्ट्रीय स्तर पर नामांकन
भी मिला है,
जो
इस क्षेत्र के लिए गौरव की बात
है।