NEET-UG पेपर लीक और उससे जुड़े छात्र आंदोलनों के बीच कांग्रेस ने प्रदर्शन में शामिल युवाओं के लिए कानूनी सहायता हेल्पलाइन शुरू की है। इस अभियान का चेहरा सामाजिक कार्यकर्ता गुरमेहर कौर को बनाया गया है। पार्टी का कहना है कि जिन छात्रों पर पुलिस कार्रवाई हुई है, उन्हें कानूनी मदद उपलब्ध कराई जाएगी। इस घोषणा के साथ गुरमेहर कौर एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति और छात्र मुद्दों की चर्चा के केंद्र में आ गई हैं।
छात्रों के लिए शुरू की गई कानूनी हेल्पलाइन
कांग्रेस ने NEET-UG पेपर लीक और उससे जुड़े प्रदर्शनों में शामिल छात्रों को कानूनी सहायता देने के उद्देश्य से 'छात्रों की गूंज' (CKG) लीगल SOS हेल्पलाइन शुरू की है। पार्टी का कहना है कि जिन छात्रों पर पुलिस कार्रवाई हुई है या उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं, उन्हें इस हेल्पलाइन के माध्यम से कानूनी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुरमेहर कौर ने रखी बात
हेल्पलाइन की घोषणा के दौरान गुरमेहर कौर ने कहा कि विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की गई हैं। इस अवसर पर NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ और यूथ कांग्रेस की पदाधिकारी रिचा सिंह भी मौजूद रहीं। कांग्रेस ने छात्रों पर हुई कार्रवाई की आलोचना करते हुए मामले को प्रमुखता से उठाया।
राहुल गांधी ने भी सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस ने इस मुद्दे को राजनीतिक स्तर पर भी उठाया है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्र आंदोलनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। पार्टी ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
कौन हैं गुरमेहर कौर?
29 वर्षीय गुरमेहर कौर सामाजिक और छात्र मुद्दों पर सक्रिय रहने वाली युवा एक्टिविस्ट हैं। उनका पालन-पोषण एक सैन्य परिवार में हुआ है और उन्होंने दिल्ली के साथ-साथ ब्रिटेन में भी शिक्षा प्राप्त की है। हाल के छात्र आंदोलनों और युवाओं से जुड़े अभियानों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। इसी वजह से कांग्रेस ने उन्हें इस कानूनी सहायता अभियान का प्रमुख चेहरा बनाया है।