इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में शानदार गेंदबाजी करने वाले भारतीय तेज गेंदबाज गुरनूर ब्रार अब विवादों में आ गए हैं। मैच के दौरान हुई एक घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने उन्हें आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी माना है। आईसीसी ने ब्रार को आधिकारिक चेतावनी दी है और उनके रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ दिया है। हालांकि यह उनका पिछले 24 महीनों में पहला मामला है, इसलिए फिलहाल उन्हें सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
आखिर मैदान पर हुआ क्या था?
यह घटना इंग्लैंड की पारी के आठवें ओवर की है। गुरनूर ब्रार ने गेंद को फील्ड करने के बाद उसे सीधे बल्लेबाज की दिशा में फेंक दिया। अंपायरों ने इसे खतरनाक और अनुचित माना। ऑन-फील्ड अंपायरों के साथ तीसरे और चौथे अंपायर ने भी इस घटना की रिपोर्ट की। इसके बाद मैच रेफरी के सामने मामला पहुंचा और इसे आईसीसी के आचार संहिता नियम 2.9 का उल्लंघन माना गया।
ब्रार ने तुरंत मान ली गलती
मैच रेफरी ने जब गुरनूर ब्रार के सामने आरोप रखा तो उन्होंने बिना किसी विरोध के अपनी गलती स्वीकार कर ली। यही वजह रही कि इस मामले में अलग से सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। आईसीसी के नियमों के अनुसार लेवल-1 के ऐसे मामलों में खिलाड़ी को चेतावनी, जुर्माना या डिमेरिट अंक दिए जा सकते हैं। इस बार ब्रार को सिर्फ एक डिमेरिट अंक और आधिकारिक फटकार मिली है।
क्या होता है डिमेरिट अंक का नियम?
आईसीसी हर खिलाड़ी के अनुशासन का रिकॉर्ड रखती है। अगर कोई खिलाड़ी 24 महीने के भीतर चार या उससे ज्यादा डिमेरिट अंक हासिल कर लेता है तो ये अंक निलंबन में बदल जाते हैं। इसके बाद खिलाड़ी पर मैचों का प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है। दो निलंबन अंकों की स्थिति में एक टेस्ट या दो वनडे अथवा दो टी20 मैचों का बैन लगाया जा सकता है।
अभी राहत, लेकिन आगे रहना होगा सतर्क
गुरनूर ब्रार के लिए राहत की बात यह है कि यह उनका पहला डिमेरिट अंक है। फिलहाल उनके ऊपर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है और वे आगामी मुकाबलों में खेलने के लिए उपलब्ध रहेंगे। लेकिन अगर अगले 24 महीनों में फिर ऐसी गलती दोहराई गई तो उनके लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
इसे भी पढ़ें : 537 रन और 51 छक्कों का तूफान, T20 इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज देख दुनिया रह गई हैरान
टीम इंडिया के लिए सीख भी
युवा खिलाड़ियों के लिए यह मामला बड़ी सीख माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सिर्फ प्रदर्शन ही नहीं बल्कि मैदान पर व्यवहार भी उतना ही अहम होता है। गुरनूर ब्रार ने गलती स्वीकार कर मामला वहीं खत्म कर दिया, लेकिन अब उनकी कोशिश यही होगी कि आगे अपने खेल के साथ अनुशासन का रिकॉर्ड भी पूरी तरह साफ रखें।