Guru-Chandra Shadashtak Yog: वैदिक पंचांग के अनुसार, 18 सितंबर की रात चंद्रमा धनु राशि में प्रवेश करेंगे। रात करीब 10:45 बजे चंद्रमा का यह राशि परिवर्तन होगा। इसके बाद गुरु और चंद्रमा एक-दूसरे से छठे और आठवें भाव में स्थित होंगे, जिससे षडाष्टक योग बनेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक यह संयोग कुछ राशियों के लिए थोड़ा मुश्किल समय ला सकता है। खासकर पैसों से जुड़े मामलों में इस दौरान सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं षडाष्टक योग किन राशियों के लिए अशुभ साबित हो सकता है।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों को इस समय पैसों से जुड़े मामलों में थोड़ा संभलकर चलने की जरूरत है। किसी को बड़ी रकम देने या लेने से पहले सभी बातों की अच्छी तरह जांच कर लें। निवेश करने जा रहे हैं तो जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक गलत लोगों की संगति से आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। परिवार में बड़े-बुजुर्गों से बातचीत करते समय अपनी बात शांति से रखें, क्योंकि छोटी सी बात भी विवाद का कारण बन सकती है। उपाय के तौर पर मां लक्ष्मी की पूजा करना शुभ माना गया है।
तुला राशि
तुला राशि के लोगों को इस समय थोड़ा संभलकर चलने की जरूरत है। खासतौर पर 20 सितंबर तक किसी बड़े निवेश में पैसा लगाने से बचना बेहतर रहेगा। काम के दौरान अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लें और किसी भी जरूरी दस्तावेज या कागज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे ध्यान से पढ़ लें। सेहत को लेकर भी लापरवाही न करें। इस दौरान ज्यादा तला-भुना और बाहर का खाना खाने से परहेज करना अच्छा रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शिवलिंग पर जल चढ़ाना इस अवधि में शुभ माना जाता है।
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मकर राशि
मकर राशि वालों के लिए यह अवधि आर्थिक दबाव बढ़ाने वाली हो सकती है। पैसों से जुड़ी परेशानी मानसिक तनाव का कारण भी बन सकती है। ऐसे में योग और ध्यान से मन को शांत रखने की कोशिश की जा सकती है। कोई नया काम शुरू करने से पहले अनुभवी व्यक्ति की सलाह लेना फायदेमंद रहेगा। जिन लोगों पर पहले से कर्ज है, उन्हें भुगतान की योजना पर ध्यान देना चाहिए। बैंकिंग और सेल्स से जुड़े लोगों को काम के दौरान दूसरों पर आंख मूंदकर भरोसा करने से बचना होगा। वहीं प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए मेहनत और अभ्यास बढ़ाने का समय माना जा रहा है। उपाय के तौर पर हनुमान चालीसा का पाठ करें।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. loksatya इसकी पुष्टि नहीं करता है।