Guru Shani Shadashtak Yog: ज्योतिष शास्त्र में गुरु और शनि दोनों ही महत्वपूर्ण ग्रह माने जाते हैं। इनकी चाल में होने वाला बदलाव सभी 12 राशियों के जीवन पर किसी न किसी रूप में असर डाल सकता है। 31 अक्टूबर 2026 को देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। इस समय गुरु अतिचारी गति से चल रहे हैं। उनके इस राशि परिवर्तन के साथ ही गुरु और शनि के बीच षडाष्टक योग बनेगा। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, इस स्थिति में शनि ग्रह गुरु से आठवें भाव में और गुरु शनि से छठे भाव में रहेंगे। ज्योतिष में इस तरह की ग्रह स्थिति को अनुकूल नहीं माना जाता है। मान्यता है कि षडाष्टक योग के प्रभाव से कुछ राशियों को आर्थिक मामलों, पारिवारिक जीवन और करियर में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। खासतौर पर कन्या, मकर और मीन राशि के जातकों को इस दौरान सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं इन तीन राशियों पर इसका क्या असर पड़ सकता है और किन उपायों से नकारात्मक प्रभाव कम करने की मान्यता है।
कन्या राशि: पैसों के लेन-देन में बरतें सावधानी
कन्या राशि के जातकों के लिए गुरु और शनि का षडाष्टक योग कुछ मुश्किलें लेकर आ सकता है। इस दौरान गुरु आपके द्वादश भाव में रहेंगे, जबकि शनि सप्तम भाव में गोचर करेंगे। ग्रहों की इस स्थिति के कारण आर्थिक मामलों में विशेष सतर्कता रखने की जरूरत होगी। किसी को भी बड़ी रकम उधार देने या बिना पूरी जानकारी के पैसों का लेन-देन करने से बचें। ऐसा करने पर धन अटकने की आशंका रह सकती है। नौकरी करने वाले लोगों को अपने काम पर ध्यान देना होगा। कार्यस्थल पर किसी सहकर्मी या दूसरे व्यक्ति पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करना परेशानी का कारण बन सकता है। विद्यार्थियों का मन पढ़ाई से भटक सकता है। ऐसे में एकाग्रता बनाए रखने के लिए नियमित रूप से योग और ध्यान करना लाभकारी रहेगा।
उपाय: कन्या राशि के जातक भगवान विष्णु की आराधना करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे गुरु ग्रह के अशुभ प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
मकर राशि: परिवार और आर्थिक स्थिति पर दें ध्यान
मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं, लेकिन गुरु के साथ बनने वाला षडाष्टक योग इस राशि के जातकों के लिए भी कुछ चुनौतियां पैदा कर सकता है। इस अवधि में घर-परिवार के मामलों में तनाव बढ़ने की आशंका है। छोटी-छोटी बातों पर बहस करने से रिश्तों में दूरी आ सकती है। इसलिए बातचीत के दौरान अपनी भाषा और व्यवहार पर संयम रखना जरूरी होगा। आर्थिक मोर्चे पर भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। खर्चों पर नियंत्रण नहीं रखा तो बजट बिगड़ सकता है। विद्यार्थियों को ऐसे दोस्तों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए, जिनकी वजह से उनका कीमती समय बर्बाद हो। स्वास्थ्य के मामले में भी लापरवाही न करें। खासकर बाहर के तले-भुने और असंतुलित खानपान से परहेज करना बेहतर रहेगा।
उपाय: मकर राशि के जातक भगवान शिव की पूजा करें और नियमित रूप से शिव मंत्रों का जाप करें। मान्यता है कि इससे जीवन की बाधाओं को दूर करने में सहायता मिलती है।
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मीन राशि: अचानक बढ़ सकते हैं खर्चे
मीन राशि के जातकों को गुरु-शनि के षडाष्टक योग के दौरान अपनी आर्थिक योजना पर खास ध्यान देना होगा। इस समय कुछ ऐसे खर्च सामने आ सकते हैं, जिनकी पहले से उम्मीद नहीं होगी। इससे बचत प्रभावित हो सकती है। निवेश से जुड़े फैसले जल्दबाजी में न लें और किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले उसके सभी पहलुओं की जांच कर लें। पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को बेहतर नतीजे पाने के लिए अपने शिक्षकों और अनुभवी लोगों का मार्गदर्शन लेना चाहिए। विदेश से जुड़े कारोबार में काम करने वालों को दस्तावेजों और जरूरी कागजी प्रक्रियाओं में अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। पारिवारिक जीवन में घर के बुजुर्गों के साथ मतभेद होने की आशंका है। ऐसे में उनकी बातों को समझने की कोशिश करें और बेवजह बहस से बचें।
उपाय: मीन राशि के जातक गुरुवार के दिन केले, पीली दाल और पीले रंग के वस्त्रों का दान कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे गुरु ग्रह की कृपा प्राप्त होती है।