Gurugram Work From Home Rule : दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। खराब हवा को देखते हुए प्रशासन अब प्रदूषण कम करने के लिए सख्त कदम उठा रहा है। इसी बीच गुरुग्राम में वर्क फ्रॉम होम के नियमों का पालन नहीं करने के आरोप में दो बड़ी लॉ फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इन कंपनियों पर आरोप है कि इन्होंने तय सीमा से ज्यादा कर्मचारियों को ऑफिस बुलाया। प्रशासन ने दोनों संस्थानों से 24 घंटे के अंदर जवाब मांगा है।
औचक जांच में सामने आई नियमों की अनदेखी
यह पूरा मामला गुरुग्राम के सेक्टर-42 स्थित गोदरेज जीसीआर परिसर का है। यहां ट्राइलीगल और जेएसए एडवोकेट्स एंड सॉलिसिटर्स के कार्यालयों में 5 नवंबर को एसडीएम बादशाहपुर की टीम ने अचानक जांच की थी। इस दौरान अधिकारियों को दोनों कार्यालयों में तय संख्या से ज्यादा कर्मचारी काम करते मिले। इसके बाद प्रशासन ने दोनों कंपनियों को नोटिस जारी कर दिया।
जेएसए और ट्राइलीगल में कितने कर्मचारी मिले
प्रशासन की जांच में सामने आया कि जेएसए एडवोकेट्स एंड सॉलिसिटर्स में कुल 117 कर्मचारी काम करते हैं, लेकिन जांच के दौरान करीब 87 कर्मचारी ऑफिस में मौजूद थे। जबकि नियम के मुताबिक यहां एक समय में करीब 58 कर्मचारी ही ऑफिस आ सकते थे। वहीं ट्राइलीगल में कुल 262 कर्मचारियों में से करीब 160 कर्मचारी ऑफिस में मिले। जबकि यहां करीब 131 कर्मचारियों को ही ऑफिस आने की अनुमति थी। इस तरह दोनों जगह तय सीमा से ज्यादा कर्मचारी मौजूद थे।
24 घंटे में देने होंगे ये जरूरी दस्तावेज
प्रशासन ने दोनों कंपनियों से केवल जवाब ही नहीं मांगा, बल्कि जरूरी दस्तावेज भी जमा करने को कहा है। इसमें कर्मचारियों की कुल संख्या, जांच वाले दिन की उपस्थिति रिपोर्ट, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड और ऑफिस आने वाले कर्मचारियों का रोस्टर शामिल है। इसके अलावा घर से काम करने वाले कर्मचारियों की जानकारी भी मांगी गई है। अगर कंपनियों का जवाब संतोषजनक नहीं मिलता है तो सीएक्यूएम एक्ट 2021 की धारा 14 के तहत आगे कार्रवाई हो सकती है।
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20 नवंबर तक लागू रहेगा 50 फीसदी वाला नियम
दरअसल, गुरुग्राम प्रशासन ने बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए 3 नवंबर को आदेश जारी किया था। इसके मुताबिक 5 नवंबर से 20 नवंबर तक सरकारी और निजी कार्यालयों में अधिकतम 50 फीसदी कर्मचारी ही ऑफिस आ सकते हैं। बाकी कर्मचारियों को घर से काम करना होगा। इस नियम का मकसद सड़कों पर वाहनों की संख्या कम करना और प्रदूषण को नियंत्रित करना है। प्रशासन की टीमें अलग-अलग इलाकों में लगातार जांच कर रही हैं। अधिकारियों ने साफ किया है कि प्रदूषण रोकने के लिए जारी नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में अब गुरुग्राम के दूसरे निजी कार्यालयों पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है।