Gurunoor Brar Bowling Record : भारत और न्यूजीलैंड के बीच वेलिंगटन में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में भारतीय गेंदबाज गुरनूर बराड़ ने शानदार प्रदर्शन किया। उनकी घातक गेंदबाजी के सामने न्यूजीलैंड की टीम 134 रन पर सिमट गई। 47 ओवर के इस मुकाबले में कीवी टीम सिर्फ 41 ओवर तक ही टिक सकी। न्यूजीलैंड को जल्दी समेटने में गुरनूर की गेंदबाजी का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने न सिर्फ अहम विकेट चटकाए, बल्कि रन बनाने के लिए बल्लेबाजों को तरसा दिया।
60 गेंदों में 47 डॉट बॉल
गुरनूर बराड़ ने इस मुकाबले में पूरे 10 ओवर गेंदबाजी की। यानी उन्होंने कुल 60 गेंदें फेंकी। इनमें से 47 गेंदों पर न्यूजीलैंड का कोई भी बल्लेबाज रन नहीं बना सका। ये सभी गेंदें डॉट रहीं। गुरनूर ने लगातार दबाव बनाए रखा और बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। उनकी सटीक लाइन और लेंथ ने न्यूजीलैंड की रन बनाने की रफ्तार पर रोक लगा दी।
30 रन देकर झटके 4 विकेट
गुरनूर बराड़ ने 10 ओवर में 30 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। यह उनके वनडे करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। खास बात यह है कि उन्होंने पहली बार वनडे क्रिकेट में चार विकेट लेने का कारनामा किया है। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने भारतीय गेंदबाजी को मजबूती दी और न्यूजीलैंड की पारी को 134 रन पर समेटने में अहम भूमिका निभाई।
पुराना रिकॉर्ड भी टूटा
गुरनूर का इससे पहले वनडे क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 27 रन देकर 3 विकेट लेना था। उन्होंने यह प्रदर्शन इसी साल धर्मशाला में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए वनडे मुकाबले में किया था। वेलिंगटन में चार विकेट लेकर उन्होंने अपने पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस बार उन्होंने कम रन देकर ज्यादा विकेट हासिल किए और अपने करियर का नया सर्वश्रेष्ठ आंकड़ा दर्ज किया।
11 वनडे में 21 विकेट
गुरनूर बराड़ ने अब तक भारत के लिए 11 वनडे मुकाबले खेले हैं। वेलिंगटन में चार विकेट लेने के बाद उनके नाम कुल 21 विकेट हो गए हैं। इतने कम मैचों में यह आंकड़ा उनके प्रदर्शन को दिखाता है। न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका यह प्रदर्शन उनके वनडे करियर के खास मुकाबलों में शामिल हो गया है।
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भारत को मिली बड़ी कामयाबी
वेलिंगटन वनडे में न्यूजीलैंड को 134 रन पर रोकना भारत के लिए बड़ी कामयाबी रही। गुरनूर बराड़ ने विकेट लेने के साथ-साथ रन रोकने में भी अहम भूमिका निभाई। 10 ओवर में 47 डॉट गेंदें और सिर्फ 30 रन देकर चार विकेट लेने का उनका प्रदर्शन इस मुकाबले की सबसे बड़ी उपलब्धियों में रहा। उनके इस प्रदर्शन ने भारतीय गेंदबाजी की ताकत को सामने रखा।