Gwalior Cyber Fraud Case: ग्वालियर में सामने आए प्रदेश के सबसे बड़े साइबर फ्रॉड मामले में राज्य साइबर सेल ने बड़ी कार्रवाई की है। 21 करोड़ 5 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में शाजापुर निवासी बीजेपी नेता और जिला पंचायत सदस्य जगदीश मालवीय उर्फ जगदीश फौजी को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम में से करीब 50 लाख रुपये उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे।
CA से 21 करोड़ की ठगी, जांच में खुला बैंक खातों का नेटवर्क
पूरा मामला ग्वालियर निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से हुई 21 करोड़ 5 लाख रुपये की साइबर ठगी से जुड़ा है। पीड़ित को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर भारी मुनाफे का लालच दिया गया था।जांच के दौरान राज्य साइबर सेल को कई बैंक खातों की लंबी चेन मिली, जिनके जरिए ठगी की रकम अलग-अलग खातों में भेजी गई थी। इसी जांच में जगदीश मालवीय का बैंक खाता भी सामने आया।
आरोपी के खाते में पहुंचे थे 50 लाख रुपये
साइबर सेल की जांच में पता चला कि ठगी की रकम में से करीब 50 लाख रुपये जगदीश मालवीय के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के अनुसार, आरोपी से पूछताछ में साइबर ठगी से जुड़े कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
क्रिप्टो निवेश का झांसा देकर बनाया था शिकार
जानकारी के अनुसार, दिसंबर 2025 में सीए अशोक विजयवर्गीय को व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किया गया था। उन्हें USDT क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने पर बड़ा मुनाफा देने का लालच दिया गया।शुरुआत में पीड़ित को कुछ रिटर्न भी दिया गया, जिससे उनका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में करोड़ों रुपये जमा कराए गए। बाद में टैक्स और अन्य शुल्क के नाम पर और रकम मांगी गई, जिसके बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।
76 बैंक खातों की मिली लेयरिंग, पूरे नेटवर्क की जांच जारी
राज्य साइबर सेल की जांच में सामने आया कि ठगी की रकम 76 बैंक खातों के जरिए कई स्तरों पर ट्रांसफर की गई। पुलिस अब इन खातों से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।जांच एजेंसी करीब 3 करोड़ रुपये के अन्य संदिग्ध लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस को आशंका है कि इस साइबर नेटवर्क में कई और लोग शामिल हो सकते हैं।
रिमांड पर लेकर आरोपी से पूछताछ, और खुलासों की उम्मीद
पुलिस ने जगदीश मालवीय को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड मिली है। साइबर सेल अब आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।राज्य साइबर सेल के अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।