Gwalior Bangladeshi Infiltration Case: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में अवैध रूप से रह रहे 13 बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद घुसपैठ के नए तरीके का खुलासा हुआ है। एटीएस और पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि अब दलाल असम के रास्ते लोगों को भारत में प्रवेश करा रहे हैं। फिलहाल सभी को डिटेंशन सेंटर में रखा गया है, जहां सुरक्षा एजेंसियां उनकी पृष्ठभूमि और नेटवर्क की जांच कर रही हैं।
असम के रास्ते भारत में एंट्री का खुलासा
ग्वालियर में पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिकों से पूछताछ में पुलिस और खुफिया एजेंसियों को घुसपैठ के नए रूट की जानकारी मिली है। पूछताछ में पता चला कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा बढ़ने के बाद दलालों ने अपना रास्ता बदल लिया है। एजेंट अब असम के रास्ते बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में प्रवेश करा रहे हैं। पूछताछ में पकड़े गए लोगों ने दावा किया कि इस रास्ते से बड़ी संख्या में लोग भारत पहुंच रहे हैं।
30 दिन डिटेंशन सेंटर में रहेंगे पकड़े गए लोग
एटीएस की कार्रवाई के बाद पकड़े गए 13 बांग्लादेशी नागरिकों को पुलिस लाइन स्थित डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। यहां अगले 30 दिनों तक उनकी निगरानी की जाएगी।पुलिस और खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन लोगों का किसी आपराधिक गतिविधि या अन्य संदिग्ध नेटवर्क से कोई संबंध तो नहीं है। जांच पूरी होने के बाद इन्हें वापस बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
नौकरी और रोजगार का झांसा देकर लाने का आरोप
जांच में सामने आया है कि बांग्लादेशी नागरिकों को भारत लाने के लिए एजेंटों का नेटवर्क सक्रिय है। बताया जा रहा है कि दलाल बेहतर नौकरी, रोजगार और घरेलू काम दिलाने का लालच देकर लोगों को अवैध तरीके से सीमा पार कराते हैं।पुलिस को आशंका है कि ग्वालियर में अभी भी कुछ बांग्लादेशी नागरिक छिपकर रह रहे हो सकते हैं। इनमें महिलाओं और युवतियों की संख्या ज्यादा होने की संभावना जताई गई है।
बहोड़ापुर और पुरानी छावनी से हुई थी गिरफ्तारी
एटीएस के इनपुट के आधार पर ग्वालियर के बहोड़ापुर और पुरानी छावनी इलाके में कार्रवाई की गई थी। यहां से 13 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया।जांच में सामने आया कि कुछ लोग पहले भी भारत में अवैध रूप से रह चुके हैं। ढाका निवासी अंतरा बेगम को दूसरी बार पकड़ा गया है। इससे पहले भी उसे ग्वालियर से डिपोर्ट किया जा चुका है।
दस्तावेजों और संपर्कों की हो रही जांच
पुलिस अब पकड़े गए लोगों के दस्तावेज, पहचान और भारत में रहने के दौरान उनके संपर्कों की जांच कर रही है। साथ ही उन एजेंटों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है, जो अवैध तरीके से लोगों को भारत में प्रवेश कराने में मदद कर रहे हैं।सीएसपी महाराजपुरा नागेंद्र सिंह सिकरवार के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी को बांग्लादेश वापस भेजने की कार्रवाई की जाएगी।