ऑनलाइन खरीदारी अब आम बात है, लेकिन इसके खतरे भी उतने ही गंभीर हैं। ग्वालियर में एक महिला सिर्फ एक पालतू डॉगी खरीदना चाहती थीं, लेकिन यह सौदा उनकी जान का सौदा बन गया। सोशल मीडिया पर की गई एक छोटी-सी गलती ने उन्हें इतना गहरा सदमा दिया कि उन्होंने ज़हर खाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना न सिर्फ साइबर ठगी की गंभीरता को उजागर करती है बल्कि यह भी बताती है कि डिजिटल जागरूकता की कितनी सख्त जरूरत है।
WhatsApp ग्रुप बना साइबर फ्रॉड का जरिया
ग्वालियर के मोती झील क्षेत्र की रहने वाली रीना प्रजापति ने एक व्हाट्सएप ग्रुप “पेट हाउस” के जरिए पालतू डॉगी खरीदने की डील की थी। ठगों ने उन्हें 5 हजार में कुत्ता देने का लालच दिया और बातचीत के दौरान ओटीपी की मांग की। भरोसे में आकर रीना ने ओटीपी शेयर कर दिया। इसके कुछ ही मिनटों में उनके बैंक खाते से ₹1.70 लाख रुपये निकल गए।
ठगी के बाद मानसिक तनाव, खा लिया ज़हर
ठगी के बाद रीना मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गईं। 10 जून को उन्होंने घर पर ही ज़हर खा लिया। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पति राजेंद्र प्रजापति को रीना के फोन से पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिली। सभी लेन-देन और चैट्स उनके मोबाइल में मौजूद थे।
पुलिस जांच में जुटी, साइबर सुरक्षा को लेकर अपील
पुलिस ने प्राथमिक जांच में इसे साइबर ठगी का मामला माना है। मोबाइल चैट्स और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है। एफआईआर जल्द दर्ज की जाएगी। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक, ओटीपी या QR कोड को शेयर न करें और ऑनलाइन डील करते समय पूरी सतर्कता बरतें।