GWALIOR FAKE PASSPORT: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाने के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नेटवर्क की परतें खुलती जा रही हैं। एसटीएफ ने 66 बांग्लादेशी नागरिकों के फरार होने के मामले में 13 आरोपियों पर 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। जांच में डबरा से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने और विदेश यात्राओं की जानकारी सामने आई है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
एक ही पते से 17 पासपोर्ट बनाने का मामला
जांच में सामने आया है कि डबरा के सिमरिया गांव के एक ही पते का इस्तेमाल कर 17 पासपोर्ट बनवाए गए। आरोप है कि इसके लिए जन्म प्रमाण पत्र, मूल निवासी प्रमाण पत्र और आधार कार्ड जैसे दस्तावेज तैयार कराए गए। सभी आवेदन एक ही कियोस्क सेंटर से किए जाने की जानकारी सामने आई है। अब जांच एजेंसियां इन दस्तावेजों के बनने की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल कर रही हैं।
फर्जी पासपोर्ट से कई देशों की यात्रा
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इन पासपोर्ट के आधार पर कुछ संदिग्धों ने थाईलैंड, मलेशिया, जापान और इंडोनेशिया समेत दूसरे देशों की यात्रा की। मामले का खुलासा होने के बाद 66 बांग्लादेशी नागरिकों के विदेश भागने की जानकारी सामने आई। एसटीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि पासपोर्ट जारी कराने से लेकर विदेश जाने तक इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे।
प्रशासनिक दस्तावेजों पर भी उठे सवाल
संदिग्धों को स्थानीय निवासी साबित करने के लिए बनाए गए दस्तावेजों में सरकारी कार्यालयों की प्रक्रिया का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है। मामले के सामने आने के बाद जन्म प्रमाण पत्र, मूल निवासी और आधार कार्ड तैयार होने की प्रक्रिया जांच के दायरे में है। प्रशासन की चार टीमें इन दस्तावेजों से जुड़े रिकॉर्ड और सत्यापन प्रक्रिया की जांच कर रही हैं।
एक आरोपी जेल भेजा, दूसरा फरार
पासपोर्ट सत्यापन में गवाह की भूमिका निभाने वाले ग्याप्रसाद गौतम उर्फ ज्ञानज्योति भंते को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पूछताछ में उसने दावा किया कि वह संबंधित लोगों को नहीं जानता था और एक अन्य व्यक्ति के कहने पर तीन लोगों के पक्ष में गवाही दी थी। मामले में गुलाबराय गौतम उर्फ सम्यक बोधि भंते फरार बताया जा रहा है।
13 आरोपियों पर 20-20 हजार का इनाम
एसटीएफ ने मामले में 13 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। जांच एजेंसी अब स्थानीय स्तर पर दस्तावेज तैयार कराने, पुलिस सत्यापन और पासपोर्ट आवेदन की पूरी कड़ी को खंगाल रही है। अधिकारियों के मुताबिक, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा होने की उम्मीद है।