कोरोना काल के दौरान ग्वालियर-चंबल अंचल में फर्जी सिम कार्ड का ऐसा नेटवर्क सक्रिय था, जिसने अब सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन (DoT) के 'ऑपरेशन फेस' में सामने आया है कि ग्वालियर और मुरैना के दो लोगों के चेहरे का इस्तेमाल कर कुल 491 सिम कार्ड फर्जी तरीके से एक्टिवेट किए गए। इनमें ग्वालियर का एक सिम वेंडर अपने चेहरे का हुलिया बदल-बदलकर अकेले 246 सिम जारी कराने में सफल रहा। अब राज्य साइबर सेल पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है।
'ऑपरेशन फेस' में खुला बड़ा फर्जीवाड़ा
डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन (DoT) की जांच में सामने आया है कि वर्ष 2020 से 2022 के बीच ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट किए गए। शुरुआती जांच में दो ऐसे चेहरे चिन्हित किए गए हैं, जिनके आधार पर कुल 491 मोबाइल सिम जारी हुईं। इनमें ग्वालियर के किला गेट क्षेत्र से जुड़े एक सिम वेंडर के नाम पर 246 सिम और मुरैना से जुड़े दूसरे व्यक्ति के नाम पर 245 सिम एक्टिवेट होने की जानकारी मिली है।
मूंछ, हेयर स्टाइल और AI एडिटिंग से बदलता रहा पहचान
जांच एजेंसियों के मुताबिक, ग्वालियर का आरोपी हर बार ई-केवाईसी (e-KYC) के दौरान अपना हुलिया बदल लेता था ताकि फेशियल रिकग्निशन सिस्टम उसे अलग-अलग व्यक्ति समझे। कभी वह मूंछों का आकार बदलता, कभी बालों की स्टाइल और कटिंग बदल देता। इतना ही नहीं, तस्वीरों के एंगल बदलने और चेहरे में सूक्ष्म बदलाव दिखाने के लिए AI आधारित फोटो एडिटिंग और इमेज मॉडिफिकेशन तकनीकों का भी इस्तेमाल किया गया। इससे टेलीकॉम कंपनियों के सत्यापन सिस्टम को भ्रमित किया जाता रहा।
साइबर सेल खंगाल रही है पूरे नेटवर्क की कड़ी
DoT से मिले इनपुट के बाद राज्य साइबर सेल ने पूरे मामले की जांच तेज कर दी है। जांच एजेंसियां अब इन सभी 491 सिम कार्ड की कॉल डिटेल, लोकेशन हिस्ट्री और उपयोग से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन सिम कार्डों का इस्तेमाल किन गतिविधियों में हुआ, इसका पता चलने के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
जिनके नाम पर सिम, उन्हें खुद नहीं थी जानकारी
जांच के दौरान पुलिस ने सिम रिकॉर्ड में दर्ज नाम और पतों के आधार पर कई लोगों तक पहुंचने की कोशिश की। पूछताछ में सामने आया कि कुछ लोगों को इस बात की जानकारी तक नहीं थी कि उनके दस्तावेजों या पहचान का इस्तेमाल कर उनके नाम से मोबाइल सिम जारी कर दी गई है। इससे पहचान की चोरी और दस्तावेजों के दुरुपयोग की आशंका भी गहरा गई है।
एक आरोपी की पहचान, दूसरे की तलाश जारी
जांच एजेंसियों ने ग्वालियर के संदिग्ध सिम वेंडर की पहचान कर ली है और उसकी तलाश की जा रही है। वहीं, मुरैना से जुड़े दूसरे संदिग्ध की भूमिका की भी जांच जारी है। अधिकारियों का मानना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद फर्जी सिम नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और इस पूरे रैकेट के संचालन का खुलासा हो सकता है।
फर्जी सिम नेटवर्क: एक नजर में
कुल संदिग्ध फर्जी सिम: 491
ग्वालियर (किला गेट): 246 सिम
मुरैना: 245 सिम
अवधि: वर्ष 2020 से 2022 (कोरोना काल)
जांच एजेंसी: डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन (DoT) और राज्य साइबर सेल
स्थिति: एक आरोपी की पहचान, दूसरे की तलाश जारी