मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिला अस्पताल में एक बार फिर दवा से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मेडिसिन वार्ड में भर्ती कई मरीजों की तबीयत मेट्रोनिडाजोल इंजेक्शन लगने के तुरंत बाद अचानक बिगड़ गई। मरीजों को तेज बुखार, घबराहट और शरीर में जकड़न जैसी गंभीर शिकायतें हुईं। एक मरीज की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिसे आईसीयू में भर्ती किया गया है। यह मामला तब सामने आया है जब हाल ही में इसी अस्पताल में सीरप में कीड़े मिलने का विवाद हुआ था।
इंजेक्शन लगते ही मरीजों की तबीयत बिगड़ी
ग्वालियर के जिला अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में शनिवार सुबह हड़कंप मच गया, जब मेट्रोनिडाजोल इंजेक्शन आईपी ड्रिप लगने के कुछ मिनटों बाद कई मरीजों की तबीयत अचानक खराब हो गई। मरीजों को तेज बुखार आने लगा, घबराहट और मांसपेशियों में जकड़न जैसी लक्षण दिखने लगे। स्थिति बिगड़ती देख नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत ड्रिप बंद कर दी और मरीजों को आपातकालीन इंजेक्शन देकर प्राथमिक उपचार शुरू किया।
एक मरीज की हालत गंभीर, ICU में भर्ती
सूत्रों के अनुसार, इंजेक्शन लेने वाले मरीजों में से एक की हालत ज्यादा गंभीर हो गई। उसे तुरंत आईसीयू में शिफ्ट किया गया। वहीं अन्य मरीजों को निगरानी में रखा गया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजन अपने मरीजों की हालत देखकर घबरा गए और अस्पताल प्रशासन से जवाब मांगने लगे।
स्वास्थ्य विभाग तक पहुंची रिपोर्ट, जांच के आदेश
जिला अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी है। विभाग ने इंजेक्शन के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं ताकि पता लगाया जा सके कि दवा में कोई रासायनिक त्रुटि या संदूषण तो नहीं था। प्रारंभिक जांच में ड्रिप की एक खेप को संदिग्ध बताया जा रहा है।
पहले भी सीरप में कीड़े निकलने से मचा था हड़कंप
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही इसी अस्पताल में एजिथ्रोमाइसीन सीरप में कीड़े मिलने की शिकायत सामने आई थी। उस समय पूरे प्रदेश में उस सीरप की सप्लाई पर रोक लगाई गई थी और ड्रग डिपार्टमेंट ने सैंपल जांच के लिए भेजे थे। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने सरकारी अस्पतालों की दवा क्वालिटी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।