ग्वालियर में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। क्राइम ब्रांच की कार्रवाई में ऐसे गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो म्यूल खातों के जरिए करोड़ों रुपये की संदिग्ध ट्रांजैक्शन कर रहा था। जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क का संचालन पाकिस्तान से हो रहा था और आरोपी मोबाइल पर ‘बड़े भैया’ नाम के हैंडलर से निर्देश लेते थे। पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।
होटल में चल रहा था साइबर नेटवर्क
ग्वालियर के कैलाश विहार इलाके स्थित एक होटल में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने दबिश दी। जांच के दौरान होटल में ठहरे चार युवकों को हिरासत में लिया गया। शुरुआती पूछताछ में पता चला कि आरोपी अलग-अलग राज्यों और शहरों से जुड़े हुए हैं और लंबे समय से साइबर ठगी से जुड़े लेनदेन में सक्रिय थे।
‘बड़े भैया’ नाम से सेव था पाकिस्तानी हैंडलर
पुलिस जब आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच कर रही थी, तब एक बड़ा खुलासा सामने आया। मोबाइल में एक नंबर ‘बड़े भैया’ नाम से सेव मिला, जिसे लेकर जांच एजेंसियों को पाकिस्तान कनेक्शन का शक हुआ। बताया जा रहा है कि यही हैंडलर आरोपियों को निर्देश देता था कि किन खातों में रकम जमा करवानी है और किस माध्यम से आगे ट्रांसफर करनी है।
म्यूल खातों से घूम रहा था ठगी का पैसा
जांच में सामने आया कि गिरोह भोले-भाले लोगों के बैंक खाते किराए पर लेकर उनका इस्तेमाल साइबर फ्रॉड की रकम को इधर-उधर भेजने में करता था। पुलिस को आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड, पासबुक और कई बैंक खातों से जुड़ी जानकारी मिली है। माना जा रहा है कि इन खातों के जरिए करोड़ों रुपये की ट्रांजैक्शन की गई।
प्रदेशभर में चल रहा है बड़ा अभियान
मध्य प्रदेश पुलिस इन दिनों म्यूल खातों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है। इसी अभियान के दौरान ग्वालियर में यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों का मानना है कि साइबर ठगी के मामलों में ऐसे खातों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, जिससे जांच एजेंसियों को ट्रांजैक्शन की असली कड़ी तक पहुंचने में परेशानी होती है।
नेटवर्क के अन्य मददगारों की तलाश जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के जरिए अब तक कितनी बड़ी ठगी को अंजाम दिया गया और इसमें कितने लोग शामिल हैं। जांच एजेंसियां आरोपियों के बैंक रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और संपर्कों को खंगाल रही हैं। संभावना जताई जा रही है कि ग्वालियर और आसपास के इलाकों में इस गिरोह के कई और सहयोगी सक्रिय हो सकते हैं।