ग्वालियर से सामने आई नवविवाहित जोड़े की दर्दनाक कहानी ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। 25 अप्रैल को शादी के बंधन में बंधे सिद्धार्थ और मेघा ने साथ जीने-मरने की कसमें खाईं थीं, लेकिन यह रिश्ता सिर्फ 28 दिन ही चल सका। पहले नई नवेली दुल्हन ने फांसी लगाकर जान दे दी और फिर पत्नी की मौत का सदमा पति सह नहीं पाया। दो दिन बाद उसने भी आत्महत्या कर ली। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शादी के बाद दोनों सिर्फ पांच दिन ही साथ रहे थे।
पांच दिन का साथ और फिर मौत की खामोशी
ग्वालियर के गोला का मंदिर इलाके में रहने वाले 26 वर्षीय सिद्धार्थ कांदिल और 23 वर्षीय मेघा उर्फ ज्योति की शादी 25 अप्रैल को पूरे धूमधाम से हुई थी। दोनों परिवारों ने खुशियों के साथ नई जिंदगी की शुरुआत कराई थी। शादी के बाद कुछ दिन ससुराल में रहने के बाद 1 मई को मेघा अपने मायके लौट आई। परिवार वालों के मुताबिक वह सामान्य थी, किसी तरह की परेशानी जाहिर नहीं की थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह रिश्ता इतनी जल्दी दर्दनाक अंत तक पहुंच जाएगा।
मां ने देखा बेटी का शव, घर में मच गई चीख-पुकार
20 मई की दोपहर मेघा के पिता किसी रिश्तेदार के यहां गए हुए थे। घर में उसकी मां गीता मौजूद थीं। जब वह पहली मंजिल पर बने कमरे में पहुंचीं तो सामने बेटी का शव फंदे से लटका मिला। यह दृश्य देखते ही घर में कोहराम मच गया। परिजन तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शादी को अभी एक महीना भी पूरा नहीं हुआ था और मेघा के हाथों की मेहंदी तक फीकी नहीं पड़ी थी।
पत्नी की मौत ने तोड़ दिया सिद्धार्थ
मेघा की मौत के बाद सिद्धार्थ पूरी तरह खामोश हो गया था। परिजनों के मुताबिक वह किसी से बात नहीं कर रहा था और गहरे सदमे में था। 22 मई को परिवार वालों ने उसे कमरे में नहीं देखा तो तलाश शुरू हुई। बाथरूम अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़ा गया तो सिद्धार्थ कपड़े की साफी के फंदे से लटका मिला। पत्नी की मौत के महज दो दिन बाद उसकी भी जिंदगी खत्म हो गई। एक ही घर में दो मौतों ने पूरे परिवार को अंदर तक तोड़ दिया।
सवालों में घिरी दो जिंदगियों की कहानी
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो गया है कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसने नई जिंदगी शुरू करने वाले इस जोड़े को मौत चुनने पर मजबूर कर दिया। दोनों परिवार अब भी सदमे में हैं और किसी के पास इस सवाल का जवाब नहीं है। पुलिस मामले को गंभीरता से जांच रही है। मायके और ससुराल पक्ष के बयान लिए जाएंगे, साथ ही दोनों के मोबाइल फोन और बातचीत की भी जांच होगी। ग्वालियर की यह घटना अब सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि उन अनगिनत सवालों की कहानी बन गई है जिनके जवाब अभी बाकी हैं।