Gwalior Missing Case: ग्वालियर की 33 वर्षीय निशा राजपूत के अचानक लापता होने से परिवार परेशान है। 28 जुलाई को आगे की पढ़ाई के लिए भोपाल जाने की बात कहकर घर से निकली निशा से कुछ दिनों तक परिवार की फोन पर बातचीत होती रही। लेकिन 6 अगस्त को भाई से हुई आखिरी बातचीत के बाद उसका कोई पता नहीं चला। निशा ने उस दिन ट्रेन से ग्वालियर लौटने की बात कही थी, लेकिन वह घर नहीं पहुंची और मोबाइल भी बंद हो गया।
पढ़ाई के लिए भोपाल गई थी निशा
ककरधा गांव निवासी राकेश सिंह राजपूत की बेटी निशा 28 जुलाई को भोपाल के लिए निकली थी। परिवार के मुताबिक उसने जबलपुर से BAMS की पढ़ाई की थी। ग्वालियर लौटने के बाद वह आगे की पढ़ाई करना चाहती थी, जिसके लिए भोपाल जाने की बात कहकर घर से निकली थी।
आखिरी बार भाई से हुई बात
परिजनों के अनुसार 6 अगस्त को निशा ने अपने भाई अमन राजपूत से फोन पर बात की थी। उसने बताया था कि वह ट्रेन से ग्वालियर वापस आ रही है। परिवार को उम्मीद थी कि कुछ समय बाद वह घर पहुंच जाएगी, लेकिन निशा ग्वालियर नहीं पहुंची। इसके बाद उसका मोबाइल भी बंद हो गया।
परिवार ने भोपाल से जबलपुर तक खोजा
निशा के लापता होने के बाद परिजनों ने पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश शुरू की। परिवार भोपाल पहुंचा और निशा से जुड़े संभावित स्थानों पर जानकारी जुटाई। इसके अलावा जबलपुर में भी तलाश की गई, जहां निशा ने पढ़ाई के दौरान समय बिताया था। कई जगह खोजबीन के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला।
अब पुलिस तलाश में जुटी
करीब सवा महीने तक तलाश करने के बाद परिवार ने पुलिस से मदद मांगी। एसएसपी धर्मवीर के आदेश पर संबंधित थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है। पुलिस अब निशा के लापता होने से पहले और बाद की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है।
CCTV और मोबाइल लोकेशन से सुराग की तलाश
पुलिस ग्वालियर रेलवे स्टेशन के अलावा भोपाल और रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के CCTV फुटेज खंगाल रही है। इसके साथ ही निशा के मोबाइल की आखिरी लोकेशन का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल पुलिस और परिवार दोनों को निशा के बारे में किसी ठोस सुराग का इंतजार है।