Madhya Pradesh Tourism News: ग्वालियर में आयोजित Gwalior Regional Tourism Conclave-2025 ने प्रदेश के पर्यटन को नई दिशा देने का काम किया है। इस आयोजन में ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग को पर्यटन नक्शे पर और मजबूत बनाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। 3500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की इच्छा जताई गई, जिससे प्रदेश में पर्यटन ढांचा सुदृढ़ होगा। होटल, रिसॉर्ट, इको-टूरिज्म यूनिट के साथ आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।
पर्यटन में बड़े निवेश की तैयारी
ग्वालियर कॉन्क्लेव में उद्योगपतियों और निवेशकों ने पर्यटन क्षेत्र में 3500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश की इच्छा जताई। इसके तहत 7 जमीनों के लिए 6 निवेशकों को लेटर ऑफ अलॉटमेंट भी जारी किए गए। इस निवेश से सीधे तौर पर 60 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार सृजित होंगे।
ग्वालियर-चंबल और सागर को मिलेगा लाभ
ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग पर्यटन की दृष्टि से तेजी से विकसित होंगे। यहां आने वाले पर्यटकों को 5 से 7 स्टार होटल, रिसॉर्ट और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इस निवेश से पूरे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर पर फोकस
ग्वालियर का ऐतिहासिक किला, मितावली-पड़ावली के चौंसठ योगिनी मंदिर, तानसेन और बैजू बावरा की संगीत विरासत जैसे धरोहरों पर विशेष जोर दिया गया। कॉन्क्लेव में ग्वालियर किले के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए इंडिगो कंपनी ने 100 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की। साथ ही विभिन्न संगठनों के बीच एमओयू कर सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई।
हस्तशिल्प और स्थानीय कलाकारों को बढ़ावा
पर्यटन बोर्ड ने Craftgroom ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का विमोचन किया, जिससे प्रदेश के शिल्पकारों और बुनकरों के उत्पादों को देश-विदेश तक पहुंचाया जा सकेगा। इससे स्थानीय कलाकारों को सीधा लाभ होगा और प्रदेश की कला-संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
भविष्य की संभावनाएं
कॉन्क्लेव में 25 से अधिक निवेशक, 125 से अधिक ट्रैवल ऑपरेटर और 500 से अधिक हितधारकों ने भाग लिया। इस द्विपक्षीय संवाद से आने वाले समय में पर्यटन विकास की मजबूत संभावनाएं बनी हैं। पर्यटन नीति में दी जा रही सब्सिडी और Ease of Doing Business ने निवेशकों का रुझान और बढ़ा दिया है।