मध्य प्रदेश के ग्वालियर में ठंड ने इस बार पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। घना कोहरा, बर्फीली हवाएं और सूरज की गैरमौजूदगी ने हालात बेहद मुश्किल बना दिए हैं। गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान महज 10.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो बीते 24 वर्षों में सबसे ठंडे दिनों में शामिल हो गया। हालात को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर बड़ा फैसला लिया है।
पारा गिरा, ठंड ने बढ़ाई मुश्किलें
ग्वालियर में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 11 डिग्री कम दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने इसे ‘सीवियर कोल्ड डे’ की श्रेणी में रखा है। इतनी कम तापमान के चलते दिन में भी सर्द रात जैसा अहसास बना रहा।
दिन और रात का फर्क लगभग खत्म
शहर में बीते कई दिनों से लगातार घना कोहरा छाया हुआ है। गुरुवार को न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री और अधिकतम 10.4 डिग्री रहा। सिर्फ तीन डिग्री के अंतर ने पूरे दिन ठिठुरन का माहौल बनाए रखा।
स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों पर असर
कड़ाके की सर्दी को देखते हुए कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों को 10 जनवरी तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति रोक दी गई है और केवल पोषण आहार का वितरण किया जा रहा है।
अलाव और हीटर बने सहारा
घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई, जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। लोग घरों में दुबके रहे और अलाव व हीटर का सहारा लिया। नगर प्रशासन ने भी सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाने की व्यवस्था की है।
जेट स्ट्रीम और बर्फीली हवाओं का असर
उत्तर भारत के ऊपर ऊंचाई पर तेज रफ्तार जेट स्ट्रीम हवाएं सक्रिय हैं, जिससे कोहरा लंबे समय तक टिका हुआ है। वहीं, कश्मीर की ओर से आ रही ठंडी उत्तरी हवाएं तापमान को और नीचे धकेल रही हैं।
अभी नहीं मिलेगी राहत
मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों तक ग्वालियर में ठंड और कोहरा दोनों ही परेशान करते रहेंगे। धूप निकलने की संभावना बेहद कम है, ऐसे में लोगों को अभी और सतर्क रहने की जरूरत है।