
ISIS conspiracy: ज्ञानवापी मामले में फैसला देने वाले न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर को इंस्टाग्राम पर धमकी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश एटीएस ने बड़ा खुलासा किया है। भोपाल निवासी अदनान नामक युवक पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उसने इंस्टाग्राम अकाउंट ‘@based.khilji’ से न्यायाधीश के खिलाफ भड़काऊ और धमकी भरे पोस्ट किए। पोस्ट में जज की तस्वीर एडिट कर माथे पर ‘काफिर’ लिखा गया था और कैप्शन में लिखा, “काफिर का खून हलाल है, जो दीन के लिए लड़ते हैं।” इस धमकी भरे संदेश के बाद एटीएस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की और जांच शुरू कर दी।
ISIS कनेक्शन का खुलासा
एटीएस की FIR के अनुसार, अदनान के पोस्ट न सिर्फ भड़काऊ थे, बल्कि इनका संबंध एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन ISIS की विचारधारा से जुड़ा हुआ पाया गया है। आरोपी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कई बार ऐसी सामग्री साझा की जो धार्मिक नफरत फैलाने वाली थी। एटीएस के मुताबिक, इन पोस्टों का उद्देश्य न केवल जज को धमकाना था, बल्कि दूसरे धर्म के लोगों में भय और नफरत फैलाना भी था। जांच एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि इस तरह की गतिविधियों के जरिए देश में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही थी।
यह भी देखेंःCyclone Montha: चक्रवाती तूफान मोंथा का खतरा बढ़ा, तटीय राज्यों में हाई अलर्ट
एटीएस की सख्त कार्रवाई
एटीएस ने कहा कि इस प्रकार की हरकतें न्यायपालिका जैसी संवैधानिक संस्था के प्रति द्वेष फैलाने का प्रयास हैं, जो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक है। ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के ज़रिए देश विरोधी विचारधारा न फैला सके। एजेंसी अब आरोपी के संपर्कों, सोशल मीडिया नेटवर्क और विदेशी संगठनों से संभावित संबंधों की जांच कर रही है। एटीएस ने चेतावनी दी है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।