उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। राजधानी लखनऊ में इस सीजन पहली मौत के बाद उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने उच्चस्तरीय बैठक कर अस्पतालों को पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर सरकारी डॉक्टरों की छुट्टियां मंजूर न की जाएं। अस्पताल पहुंचने वाले किसी भी मरीज को उपचार दिए बिना वापस न भेजा जाए।
अस्पताल में भर्ती कराया गया
स्वास्थ्य विभाग की उपलब्ध जानकारी के मुताबिक प्रदेश में इस वर्ष अब तक एच1एन1 के 364 मामले सामने आए हैं। लखनऊ के इंदिरानगर निवासी करीब 50 वर्षीय महिला की बलरामपुर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई। महिला को बुखार, सर्दी-जुकाम और सांस लेने में परेशानी के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में एच1एन1 संक्रमण की पुष्टि हुई थी।
75 जिलों को सतर्क रहने को कहा
ब्रजेश पाठक ने अधिकारियों को सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त बेड, दवाओं, जांच और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लखनऊ के प्रमुख अस्पतालों में संक्रमित मरीजों के लिए पृथक व्यवस्था भी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी 75 जिलों को सतर्क रहने को कहा है। उधर, गौतमबुद्धनगर में भी संक्रमण तेजी से फैल रहा है। यहां 192 मरीज सामने आने की सूचना है। अस्पतालों को आपात तैयारी रखने और गंभीर मरीजों के लिए पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की हिदायत दी गई है।