Haiwaan Review : अक्षय कुमार और सैफ अली खान स्टारर ‘हैवान’ एक ऐसी फिल्म है, जिसमें कहानी के साथ-साथ दो बड़े कलाकारों की टक्कर देखने को मिलती है. फिल्म में अपराध, बदला और रिश्तों से जुड़े कई पहलुओं को सामने रखा गया है। शुरुआत में कहानी दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखती है और धीरे-धीरे घटनाएं गंभीर होती जाती हैं.
सैफ अली खान की एक्टिंग बनी खासियत
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत सैफ अली खान का अभिनय नजर आता है. उन्होंने अपने किरदार को काफी सहजता के साथ निभाया है। उनके एक्सप्रेशन, डायलॉग डिलीवरी और स्क्रीन प्रेजेंस कई जगह प्रभाव छोड़ते हैं. सैफ का किरदार कहानी को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है और यही वजह है कि कई सीन्स में उनकी मौजूदगी सबसे ज्यादा ध्यान खींचती है.
अक्षय कुमार की खलनायकी में दिखा अलग अंदाज
अक्षय कुमार को निगेटिव शेड वाले किरदार में देखना उनके फैंस के लिए अलग अनुभव है. अभिनेता ने अपने किरदार में आक्रामकता और चालाकी का अच्छा मेल दिखाने की कोशिश की है। कुछ दृश्यों में उनका अंदाज काफी प्रभावी लगता है और किरदार उनकी पिछली भूमिकाओं से अलग दिखाई देता है. हालांकि, स्क्रीनप्ले उन्हें हर जगह उतनी मजबूती नहीं दे पाता, जितनी उम्मीद की जा सकती थी.
लंबाई बनी परेशानी
फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी लंबाई महसूस होती है। कुछ हिस्से ऐसे हैं जिन्हें छोटा किया जा सकता था. कहानी आगे बढ़ने के बावजूद कई जगह गति धीमी पड़ती है, जिससे दर्शकों का ध्यान भटक सकता है. अगर एडिटिंग थोड़ी ज्यादा चुस्त होती तो फिल्म का असर और बेहतर हो सकता था.
कुल मिलाकर कैसी है फिल्म?
कुल मिलाकर ‘हैवान’ में सैफ अली खान का अभिनय सबसे मजबूत पक्ष है, जबकि अक्षय कुमार का निगेटिव किरदार फिल्म को अलग पहचान देने की कोशिश करता है। कहानी में कुछ अच्छे पल हैं, लेकिन लंबी अवधि और धीमे हिस्से अनुभव को थोड़ा कमजोर करते हैं. अगर आपको दोनों कलाकारों की एक्टिंग पसंद है, तो फिल्म एक बार देखने लायक हो सकती है.