कभी सुनी है अंतरिक्ष में गूंजती रहस्यमयी आवाजें? या चांद और मंगल की ऊबड़-खाबड़ सतह पर चलने का एहसास किया है? अगर नहीं, तो अब इंतजार खत्म। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रीजनल साइंस सेंटर में अंतरिक्ष का एक छोटा-सा टुकड़ा उतर आया है। 'हॉल ऑफ स्पेस एक्सप्लोरेशन' नाम की यह नई हाई-टेक गैलरी छात्रों और विज्ञान प्रेमियों को इसरो-नासा गए बिना ही रोमांचक अनुभव कराएगी।
प्राचीन ज्ञान से गगनयान तक का सफर
एक करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह गैलरी सिर्फ मशीनों का संग्रह नहीं, बल्कि भारत की गौरवशाली अंतरिक्ष यात्रा की सजीव गाथा है। यहां आर्यभट्ट जैसे प्राचीन विद्वानों के योगदान से लेकर चंद्रयान की उपलब्धियों और आने वाले गगनयान मिशन तक का पूरा सफर रोचक ढंग से दिखाया गया है। ४,००० वर्ग फीट में फैली यह गैलरी पुरानी ऊर्जा गैलरी की जगह बनाई गई है।
इंटरैक्टिव अनुभवों का मजा
गैलरी की सबसे बड़ी खासियत इसका इंटरैक्टिव होना है। यहां आकर विद्यार्थी थ्री-डी स्क्रीन पर ब्रह्मांड देख सकते हैं, फ्लाइट सिमुलेटर में बैठकर अंतरिक्ष यान उड़ा सकते हैं और स्पेस वॉक का थ्री-डी वर्चुअल अनुभव ले सकते हैं। यह जगह ज्ञान के साथ-साथ मजेदार अनुभव भी देती है।
स्पेस साउंड का अनोखा रोमांच
एक खास फीचर है 'साउंड इन स्पेस'। विशेष साउंड इफेक्ट्स और ऑडियो-वीडियो प्रोजेक्शन के जरिए दर्शक महसूस कर सकेंगे कि अंतरिक्ष में असल में कैसी आवाजें गूंजती हैं। यह अनुभव इतना जीवंत है कि मन में रोमांच भर जाता है।
डिजिटल तकनीक का शानदार मेल
गैलरी में ४ स्पेशल डिजिटल जोन और १५ इंटरैक्टिव वर्किंग मॉडल लगाए गए हैं जो ब्रह्मांड की उत्पत्ति और ग्रहों की गति को आसानी से समझाते हैं। १८ साल बाद इस जगह को नई सोच और आधुनिक तकनीक के साथ पूरी तरह बदल दिया गया है।