
इजरायल-हमास के बीच गाजा सीजफायर की मध्यस्थता हो चुकी है। इसके पीछे फिलीस्तीनी-अमेरिकी बिजनेसमैन और अरब अमेरिकन शांति समिति के अध्यक्ष बिशारा बहबाह का हाथ बताया जाता है। अब हमास भारी हथियार सौंपने को भी तैयार है।
गंभीरता से लेना शुरू कर दिया
हमास के साथ बातचीत में सहायता के पीछे इस शख्स का हाथ है। बहबाह ने सऊदी अखबार अशरक अल-अवसात में इस बात का खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि हमास ने भारी हथियार सौंपने के विचार को गंभीरता लेना आरंभ कर दिया है।
हमास को आत्मरक्षा के लिए हथियार रखने की इजाजत
उन्होंने आगे जानकारी दी कि व्हाइट हाउस ने भी हमास के इस रुख पर सहमति व्यक्त की है। वाशिंगटन ने गाजा युद्ध करने की दिशा में इसे सकारात्मक बताया गया है। बहबाह का दावा है कि अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों से बात हुई है। ऐसा संभव है कि हमास को आत्मरक्षा को लेकर हथियार रखने की इजाजत मिल जाएगी।
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फिलिस्तीनियों का जबरन विस्थापन एजेंडे में नहीं
व्हाइट हाउस के अधिकारियों और हमास नेताओं दोनों संग करीबी संपर्क बनाने वाले बहबाह का कहना है कि यूएस बीते माह एक अमेरिकी योजना के तहत गाजा संघर्ष विराम समझौते को खत्म नहीं होने देगा। उन्होंने इस बात पर काफी जोर दिया कि फिलिस्तीनियों का जबरन विस्थापन एजेंडे में बिल्कुल भी नहीं है।
समझौते के पहले चरण में हमास ने फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई के बदले में इजरायल को 20 बंधक सौंप दिया। 17 बंधकों के अवशेष को भी लौटाया है। बहबाह की मानें तो सौंपे गए शव (अवशेष) में 15 इजरायली, एक नेपाली और एक थाई नागरिक के बताए गए हैं। कई कारणों से शवों का पता लगाने में कठिन हो रहा है।
बहबाह के अनुसार, हमास का वादा है कि वह आगे से गाजा में नए हथियार न तो बनाएगा और न ही इसे स्मगल करेगा। हालांकि, इजरायल का दावा है कि निःशस्त्रीकरण में गाजा के टनल नेटवर्क को खत्म करना जरूरी है। इजरायल के अनुसार, इसकी लंबाई करीब 350 किलोमीटर है। इसका 60 फीसदी भाग खत्म है।