मध्य प्रदेश में एक बार फिर किसी शैक्षणिक संस्थान के नाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस बार भोपाल स्थित हमीदिया कॉलेज सुर्खियों में है। कुछ छात्रों ने कॉलेज के नाम पर आपत्ति जताते हुए इसे 'गुलामी की मानसिकता' से जुड़ा बताया है। छात्रों का कहना है कि जिस दौर में भारत आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, उस समय ऐसे नाम उपयुक्त नहीं हैं जो गुलामी के समय के प्रतीक हों। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन से मांग की कि नाम बदलकर किसी क्रांतिकारी या स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के नाम पर रखा जाए। प्रबंधन ने छात्रों की बातों को गंभीरता से लेते हुए इसे विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाने की बात कही है।मालूम हो कि हमीदिया कॉलेज का नाम भोपाल के अंतिम नवाब हमीदुल्लाह खान के नाम पर रखा गया है, जिन पर विभाजन काल में पाकिस्तान समर्थक रुख अपनाने के आरोप लगे थे।इससे पहले भी हमीदिया कॉलेज, स्कूल और अस्पताल का नाम बदलने की मांग कई बार उठ चुकी है।अब देखना यह होगा कि इस बार ये मांग सियासत में तब्दील होती है या प्रशासन कोई निर्णय लेता है।
छात्रों ने उठाई आवाज: बदले कॉलेज का नाम
भोपाल के हमीदिया कॉलेज में पढ़ने वाले कुछ छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के सामने विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि ‘हमीदिया’ नाम गुलामी की मानसिकता को दर्शाता है और यह हमारे आत्मसम्मान के खिलाफ है। उन्होंने कॉलेज का नाम किसी ऐसे महान व्यक्ति के नाम पर रखने की मांग की, जिन्होंने देश के लिए बलिदान दिया हो।
प्रिंसिपल ने दिया आश्वासन, विवि प्रशासन तक पहुंचेगी बात
कॉलेज के प्रिंसिपल ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि यह विषय विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाया जाएगा। आगे की कार्रवाई वहीं से लिए गए निर्णय के अनुसार की जाएगी।
इतिहास से जुड़ा विवाद: नवाब हमीदुल्लाह का नाम विवाद का केंद्र
हमीदिया कॉलेज का नाम भोपाल के अंतिम नवाब हमीदुल्लाह खान पर आधारित है, जिनके पाकिस्तान समर्थक रुख पर पहले भी विवाद हो चुका है। यही कारण है कि समय-समय पर हमीदिया नाम से जुड़े संस्थानों के नाम बदलने की मांग उठती रही है।