पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड और वांटेड आतंकी अर्जुनमंद गुलजार उर्फ हमजा बुरहान की मौत के बाद उसका जनाजा पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पढ़ाया गया, जहां कई बड़े आतंकी संगठनों के शीर्ष कमांडर खुलेआम दिखाई दिए। जनाजे के दौरान सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। भारी हथियारों से लैस आतंकियों ने पूरे इलाके को घेर रखा था। हाल के दिनों में आतंकियों की लगातार हो रही रहस्यमयी हत्याओं ने उनके नेटवर्क में भी डर का माहौल पैदा कर दिया है।
इस्लामाबाद में हुआ दफन, बड़े आतंकी कमांडर पहुंचे
हमजा बुरहान को इस्लामाबाद में दफनाया गया। उसके जनाजे में हिजबुल मुजाहिद्दीन के चीफ सैयद सलाउद्दीन समेत कई बड़े आतंकी संगठनों के शीर्ष चेहरे मौजूद रहे। इसके अलावा अल-बदर संगठन का प्रमुख बख्त जमीन खान भी अंतिम विदाई देने पहुंचा। जनाजे में मौजूद आतंकियों की संख्या और उनकी गतिविधियों ने सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान खींचा है।
AK-47 से लैस आतंकियों ने संभाली सुरक्षा
जनाजे के दौरान सुरक्षा का जिम्मा आतंकियों ने खुद संभाला हुआ था। बख्त जमीन खान की सुरक्षा के लिए दर्जनों हथियारबंद आतंकी तैनात किए गए थे। सभी के हाथों में AK-47 और अन्य घातक हथियार थे। आतंकियों ने चारों तरफ सुरक्षा घेरा बना रखा था, जिससे साफ दिख रहा था कि उन्हें किसी बड़े खतरे का अंदेशा था।
अज्ञात हमलावरों का खौफ साफ दिखा
हाल के समय में पाकिस्तान और PoK में कई बड़े आतंकियों की रहस्यमयी तरीके से हत्या हुई है। इसी वजह से आतंकी संगठनों के भीतर डर और असुरक्षा का माहौल गहरा गया है। हमजा के जनाजे में मौजूद कई आतंकी कमांडरों के चेहरों पर भी इसी खौफ की झलक दिखाई दी। भारी सुरक्षा और आधुनिक हथियारों के बावजूद उनमें बेचैनी साफ नजर आ रही थी।
ISI का करीबी माना जाता था हमजा
हमजा बुरहान को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का करीबी माना जाता था। बताया जाता है कि कर्नल रिजवान नाम का अधिकारी उसका मुख्य हैंडलर था, जो उसे भारत विरोधी गतिविधियों के लिए निर्देश और सुरक्षा उपलब्ध कराता था। हमजा मुजफ्फराबाद स्थित एक औद्योगिक परिसर से अपना नेटवर्क संचालित करता था, जिसे ‘माचिस फैक्ट्री’ कहा जाता था।
ड्रग्स, नकली नोट और हथियारों का नेटवर्क
हमजा पर घाटी में ड्रग्स तस्करी, नकली नोटों के कारोबार और हथियार सप्लाई नेटवर्क चलाने के आरोप थे। वह अल-बराक के पूर्व कमांडर फारूक कुरैशी के साथ मिलकर इन गतिविधियों को संचालित कर रहा था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, उसका नेटवर्क लंबे समय से भारत विरोधी साजिशों में सक्रिय था।